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November 8, 2026

किसानों के खेतों तक पहुचे तकनीकी जानकारी: जिला किसान संगठन

 

बागेश्वर गरुड़ ( आखरीआंख समाचार ) जिला किसान संगठन की बैठक में पहला मुद्दा बंदरों के आतंक का रहा। किसानों ने बंदरों से निजात के लिए सड़कों पर उतरकर प्रशासन के कान खोलने का ऐलान किया। वहीं अन्य समस्याओं पर भी चर्चा की गई।

किसानों ने बंदरों के आतंक के खिलाफ सड़कों पर उतरने का एलान किया। किसानों की पेंशन बंद करने और नहरों में पानी न चलाए जाने पर काश्तकारों ने तीव्र रोष व्यक्त किया और आंदोलन की चेतावनी दी।

किसान संगठन के जिलाध्यक्ष राजेंć प्रसाद की अध्यक्षता में भकुनखोला में आयोजित बैठक में किसानों ने कहा कि बंदरों और जंगली सुअरों ने उनकी खेती चौपट कर दी है। बंदरों का आतंक इतना बढ़ गया है कि अब बच्चों का स्कूल जाना और महिलाओं का खेतों में काम करना दूर्भर हो गया है। किसानों ने कहा कि बाहरी क्षेत्रों से टŞैकों में भरकर बंदर पहाड़ में छोड़ें जा रहे हैं लेकिन वन विभाग कुंभकर्णी नींद में सोया है।वक्ताओं ने कहा कि एक ओर सरकार किसानों की आय दोगुनी करने की बात करती है दूसरी ओर सिंचाई नहरों में पानी नहीं चलाया जा रहा है। किसानों ने कहा कि उन्हें पाये लघु डाल से पानी नहीं दिया जा रहा है और पंप ऑपरेटर को एक वर्ष से मानदेय भी नहीं मिला है। बैठक में किसानों ने कहा कि उन्हें एक-डेढ़ साल से किसान पेंशन भी मिलनी बंद हो गई है। उन्होंने शीघ्र पेंशन दिए जाने, खेतों की मिट्टी की जांच करने, कृषि ऋण माफ करने, गरुड़ में कोल्ड स्टोर खोलने, बंदरों को पकड़ने और सुअरों को मारने की मांग की। चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसानों की समस्याओं का निदान नहीं किया जाएगा तो किसान सड़कों पर उतरने को बाध्य होंगे।

किसान संगठन के सचिव अर्जुन राणा ने कहा कि किसानों को समय से सब्जियों के बीज उपलब्ध कराए जाएं।और किसानों के खेतों तक तकनीकी जानकारी पहुचे।

इस दौरान एडवोकेट नारायण सिंह थायत, गोपाल सिंह नेगी, हरीश राम, विशन दŮा पांडे, माधवानंद भę, भुवन मिश्रा, चंदन राम आर्या, दीवान ोसह आदि दर्जनों काश्तकार मौजूद रहे।

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