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October 21, 2026

अधिकारी-कर्मचारी समन्वय मंच ने कलक्ट्रेट में धरना दिया

बागेश्वर ( आखरीआंख समाचार ) उत्तराखंड अधिकारी-कर्मचारी समन्वय मंच ने कलक्ट्रेट में धरना दिया। वे सात सूत्रीय मांगों का निराकरण नहीं होने से आक्रोशित हैं। उन्होंने चरणबद्ध तरीके से आंदोलन का एलान किया।
एक दिन का आकस्मिक अवकाश लेकर कर्मचारी, अधिकारी बुधवार को कलक्ट्रेट में एकत्र हुए और नारेबाजी के साथ धरना दिया। संगठन के सचिव इं. आरपी टम्टा ने सभा की अध्यक्षता की। वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश के सभी काद्दमकों को केंद्र की भांति भत्ते नहीं मिल रहे हैं। प्रदेश के सभी काद्दमकों का पूरे सेवाकाल में न्यूनतम तीन पदोन्नतियां भी अनिवार्य रूप से नहीं हो सके हैं। यू-हेल्थ स्मार्ट कार्ड की सुविधा भी नहीं मिल रही है जबकि केंद्र सरकार सेवारत ओर सेवानिवृत्त काद्दमकों को यह सुविधा देती है और देश, प्रदेश के उच्चस्तरीय सुविधा संपन्न अस्पताल इलाज के लिए शामिल किए गए हैं। अर्हकारी सेवा में शिथिलीकरण की पूर्ववर्ती व्यवस्था को यथावत लागू नहीं किया जा रहा है। एक अक्टूबर 2005 से लागू अंशदायी पेंशन योजना के स्थान पर पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल नहीं हो सकी है। स्थानांतरण अधिनियम में राज्य के काद्दमकों, जिनकी सेवानिवृत्ति को एक वर्ष शेष हो को सेवानिवृत्त के अंतिम वर्ष में उसके एच्छिक स्थान पर अनिवार्य रूप से स्थानांतरित, पदस्थापना का प्राविधान भी हवा में लटका हुआ है। कहा कि इंदु कुमार पांडे की अध्यक्षता में गठित वेन विसंगति समिति द्वारा शासन को प्रेषित रिपोर्ट में कर्मचारी विरोध निर्णयों को लागू नहीं किया जाए। उन्होंने कहा कि 15 से 31 जनवरी तक जन जागरण अभियान, जनप्रतिनिधियों को प्रार्थना पत्र, चार फरवरी को विशाल रैली और प्रदेशव्यापी आम हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। इस मौके पर केपी मिश्रा, संजय सिह कार्की, दिनेश जोशी, ईश्वर जोशी, सीएस कोरंगा, पंकज कुमार, राजेंद्र देवली, मनोज कुमार, प्रमोद सिह पुजारी, नवीन दानू, भावना पंत, ममता बिष्ट, ऊषा कार्की, धरम सिह, बसंत सिह, ललित कुमार आदि मौजूद थे।
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