अपनों की याद में ‘श्री गोलू वन’ की सौगात: बागेश्वर के लोब-खरेही क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण की अनूठी पहल
बागेश्वर। पूर्व राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा के गृह क्षेत्र लोब-खरेही पट्टी ग्राम पंचायत में पर्यावरण संरक्षण को समर्पित एक अनूठा अभियान शुरू हुआ। देवकी लघु वाटिका के तत्वावधान में ‘श्री गोलू वन’ नामक स्मृति वन की स्थापना करते हुए क्षेत्रवासियों ने अपनों की याद में 51 बहुउपयोगी पौधे रोपे। चंदन, कपूर, मुगा रेशम, आम, परिजात, तेजपत्ता, नींबू, जामुन, च्यूरा आदि प्रजातियों के पौधों के साथ 25 वृक्ष रक्षक ट्री गार्ड लगाकर सड़क किनारे पथ वृक्षारोपण भी किया गया। इस अवसर पर आए पर्यावरण प्रेमियों को पौधे भेंट कर पर्यावरण के प्रति सजगता का संदेश दिया गया।
इस अभियान में वृक्ष मित्र किशन सिंह मलड़ा ने पलायन, रोजगार और पर्यावरण की समस्याओं का हल बहुउपयोगी पौधों के संरक्षण में बताते हुए सभी का आभार व्यक्त किया। पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा ने अपनों की यादों को सहेजने के इस प्रयास को सराहते हुए ग्रामीणों से सहभागिता की अपील की। ग्राम प्रधान बीना टम्टा ने देवकी लघु वाटिका के प्रति आभार जताते हुए अपने पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया, वहीं पूर्व शिक्षिका रेनु टम्टा ने पर्यावरण संरक्षण को निजी मिशन बनाने की घोषणा की।
स्मृति वन के इस आयोजन में पूर्व में रोपे गए तेजपत्ता के 100 में से 80 पौधों के सुरक्षित और स्वस्थ होने पर खुशी जाहिर की गई। श्री रमेश प्रकाश पर्वतीय ने फल पट्टी विकसित करने की दिशा में इस प्रयास को मील का पत्थर बताया। कार्यक्रम में सहयोग देने वालों में नंदन प्रसाद भाटगाड़, पुष्पा, अरुण, अक्षय, पूर्व सैनिक राजेंद्र सिंह मलड़ा, सुंदर धपोला, शैलेंद्र चौहान, हेमंत मलड़ा, मनीषा व दिवांशी आदि उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर “श्री गोलू वन” को एक पर्यावरणीय स्मारक के रूप में जीवंत रखने का संकल्प लिया।
