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October 11, 2026

चीन पर नरम पड़े ट्रंप के तेवर, टैरिफ को 90 दिनों के लिए टाला; जिनपिंग को बताया अच्छा दोस्त


वाशिंगटन । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार को चीन के साथ मौजूदा व्यापार समझौते को 90 दिनों के लिए आगे बढ़ा दिया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच फिर से व्यापारिक तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही थी।
ट्रम्प ने अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करते हुए कहा कि उन्होंने चीन पर टैरिफ विस्तार से जुड़े कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए हैं और समझौते के अन्य सभी तत्व समान रहेंगे। उन्होंने यह भी लिखा कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ उनके संबंध बहुत अच्छे हैं और चीन अच्छे से व्यवहार कर रहा है।
टैरिफ विस्तार की पिछली समय सीमा मंगलवार रात 12:01 बजे समाप्त होने वाली थी। अगर टैरिफ फिर से लागू होते, तो अमेरिका चीनी आयात पर 30त्न से ज़्यादा शुल्क लगा सकता था, और इसके जवाब में बीजिंग भी अमेरिकी निर्यात पर भारी शुल्क लगाकर प्रतिक्रिया दे सकता था। ट्रम्प के फैसले से अब दोनों देशों को मतभेद सुलझाने के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है।
ट्रम्प के इस फैसले का अमेरिकी कंपनियों ने स्वागत किया है। अमेरिका-चीन व्यापार परिषद के अध्यक्ष सीन स्टीन ने कहा, यह 90 दिनों की टैरिफ छूट दोनों देशों की सरकारों को बातचीत का समय देगी। यह कदम व्यापारिक स्थिरता की दिशा में अहम है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रम्प के इस नरम रुख से इस वर्ष के अंत तक राष्ट्रपति ट्रम्प और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच संभावित मुलाकात का रास्ता भी साफ हो गया है।
गौरतलब है कि जून में दोनों देशों ने कंप्यूटर चिप तकनीक, पेट्रोकेमिकल्स और दुर्लभ मृदा खनिजों जैसे क्षेत्रों में एक दूसरे को बाजार पहुंच देने पर सहमति जताई थी। इससे पहले मई में, अमेरिका और चीन ने भारी शुल्कों को अस्थायी रूप से कम करके एक बड़े आर्थिक संकट को टाल दिया था।
मई में जिनेवा में हुई बैठक में दोनों पक्षों ने अपने उत्पादों पर लगे शुल्कों को क्रमश: अमेरिका के लिए 30त्न और चीन के लिए 10त्न तक सीमित कर दिया था, जबकि इससे पहले यह शुल्क 125त्न और 145त्न तक पहुंच चुके थे।
अब देखना यह है कि आगामी 90 दिनों में क्या दोनों देश कोई स्थायी समझौता कर पाते हैं या फिर एक बार फिर वैश्विक बाजारों को अनिश्चितता का सामना करना पड़ेगा।

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