January 24, 2026

गरुड़ में नियम विरुद्ध संचालित शराब/बियर बारों पर उठे सवाल, अधिवक्ता डी.के. जोशी ने खंड विकास अधिकारी से की सख्त कार्रवाई की मांग

गरुड़ (बागेश्वर) । नगर पंचायत गरुड़ में तेजी से बढ़ रहे शराब और बियर बारों को लेकर स्थानीय समाजसेवी व अधिवक्ता डी.के. जोशी ने गंभीर आपत्ति जताई है। उन्होंने खंड विकास अधिकारी, विकास खंड गरुड़ को प्रेषित प्रार्थना पत्र में मांग की है कि क्षेत्र में संचालित सभी बारों की जांच कर नियम विरुद्ध जारी किए गए लाइसेंस तत्काल निरस्त किए जाएं।

जोशी ने अपने पत्र में कहा कि नगर क्षेत्र में बारों की संख्या इतनी तेजी से बढ़ रही है कि ऐसा प्रतीत होता है मानो गरुड़ शराबियों का अड्डा बन चुका हो। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन और आबकारी विभाग द्वारा नियमों की अनदेखी कर बारों को लाइसेंस दिए जा रहे हैं, जिससे सामाजिक ताना-बाना प्रभावित हो रहा है।

प्रमुख आरोप

  1. अनियमित लाइसेंस जारी – नियम के अनुसार होटल/रेस्टोरेंट को तभी लाइसेंस मिल सकता है जब पिछले दो वर्षों में कम से कम 5 लाख रुपये का पके भोजन का व्यापार हो और उस पर जीएसटी अदा किया गया हो। किंतु गरुड़ में नए भवन बनते ही सीधे शराब/बियर बार के लाइसेंस दिए जा रहे हैं।
  2. पार्किंग सुविधा का अभाव – नियमों के तहत 600 वर्ग फीट पार्किंग स्पेस अनिवार्य है, लेकिन नगर क्षेत्र के किसी भी बार में यह सुविधा नहीं है।
  3. बुनियादी ढांचा अधूरा – बार के अंदर 20 लोगों के बैठने की जगह, महिला-पुरुष के लिए अलग शौचालय, और सीसीटीवी कैमरे तक नहीं हैं।
  4. नाबालिगों को शराब परोसना – जोशी ने आरोप लगाया कि 21 वर्ष से कम उम्र के युवाओं को भी शराब परोसी जा रही है, जबकि यह पूर्णतः अवैध है।

शासनादेश का उल्लंघन

जोशी ने अपने पत्र में शासनादेश दिनांक 3 फरवरी 2014 तथा 12 अक्टूबर 2011 का हवाला दिया और कहा कि इन प्रावधानों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।

की गई मांग

खंड विकास अधिकारी अपने स्तर से संपूर्ण जांच कर एक मांग पत्र जिलाधिकारी बागेश्वर को भेजें।

नियम विरुद्ध संचालित सभी शराब/बियर बारों के लाइसेंस निरस्त किए जाएं।

यदि अधिकारी कार्रवाई करने में अक्षम हों तो इसकी जानकारी प्रार्थी को दी जाए।

प्रतिलिपि प्रेषित

यह प्रार्थना पत्र जिलाधिकारी बागेश्वर, जिला आबकारी अधिकारी, जिला आबकारी निरीक्षक, उपजिलाधिकारी गरुड़ एवं ब्लॉक प्रमुख क्षेत्र पंचायत गरुड़ को भी प्रेषित किया गया है।

समाज पर असर को लेकर चिंता

जोशी ने कहा कि गरुड़ नगर की छवि अब शराबियों के नगर के रूप में बन रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इस दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो यह स्थिति समाज के लिए बेहद घातक होगी।

डी.के. जोशी, अधिवक्ता उच्च न्यायालय नैनीताल और अध्यक्ष, गरुड़ सिविल सोसाइटी, ने इस प्रार्थना पत्र को जनहित में बताया है और भरोसा जताया कि प्रशासन इस पर गंभीरता से कार्यवाही करेगा ।

यह मामला अब जिले में बड़ा सामाजिक व प्रशासनिक मुद्दा बनता जा रहा है और देखना होगा कि शासन-प्रशासन इस पर कितनी तत्परता से कदम उठाता है।