January 17, 2026

गरुड जनता दरबार में डीएम आकांक्षा कोंड़े का सख्त तेवर: 52 से अधिक शिकायतें सुनीं, अधिकारियों को फटकार—“तबादले नहीं, सीधे निलंबन करूंगी”

गरुड़, बागेश्वर। सरकार जनता के द्वार कार्यक्रम के तहत सोमवार को गरुड़ में आयोजित जनता दरबार में जिलाधिकारी आकांक्षा कोंड़े पूरे कार्यक्रम में बेहद सख्त मूड में नजर आईं। जनता दरबार में कुल 52 से अधिक लोग विभिन्न समस्याओं को लेकर पहुंचे, जिनमें बिजली, पानी, सड़क, राशन कार्ड, पेंशन, वन, आपदा तथा सिंचाई से जुड़ी शिकायतें प्रमुख रहीं। जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को दो टूक निर्देश दिए कि जनता दरबार में बिना तैयारी के उपस्थित न हों। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग अपने लंबित मामलों का पूरा होमवर्क करके आए और 15 दिन के भीतर जनता की समस्याओं का समाधान हर हाल में सुनिश्चित करें।

सभा के दौरान कई शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया जबकि शेष मामलों को संबंधित विभागों को तत्काल अग्रसारित किया गया। जनता की समस्याएँ सुनते हुए डीएम ने साफ कहा कि “जनता की समस्या प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी विभाग में ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” आपदा क्षति से जुड़ी शिकायतों पर उन्होंने निर्देश दिया कि परिसंपत्ति नुकसान का आकलन निर्धारित मानकों के अनुरूप और पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि राहत वितरण में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आई तो सख्त कार्रवाई होगी।

वन विभाग को फलदार पौधों के रोपण को बढ़ाने और जंगली जानवरों से हो रहे नुकसान पर स्पष्ट नीति तैयार करने के निर्देश दिए गए। पेयजल संकट पर ग्रामीणों की शिकायतें सुनते हुए जिलाधिकारी ने जल संस्थान को आदेश दिया कि जिन क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति प्रभावित है वहां तत्काल विशेष अभियान चलाकर सुधार सुनिश्चित करें। सिंचाई व्यवस्था से जुड़ी शिकायतों पर उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कहा कि सिंचाई की समस्याओं का समाधान एक हफ्ते के भीतर हर हाल में होना चाहिए। कोठों रामपुर की प्रधान दीपा देवी द्वारा जिला योजना की कार्य प्रगति को लेकर उठाए गए सवालों पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभाग को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए।

जनता दरबार में सबसे अधिक नाराजगी ग्रामीणों ने बिजली बिलों को लेकर जताई। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि घरेलू कनेक्शन होने के बावजूद कई लोगों के बिल लाखों में पहुँच गए हैं। इस पर जिलाधिकारी ने एसडीओ को निर्देश दिया कि सभी प्रभावित उपभोक्ताओं के बिलों का तुरंत निस्तारण किया जाए और वास्तविक खपत के आधार पर संशोधित बिल तुरंत जारी हों। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस प्रकार की गड़बड़ी की जिम्मेदारी सीधे संबंधित कर्मचारी की तय होगी।

लोक निर्माण विभाग को बंड–गरुड़ सड़क की खराब स्थिति पर फटकार लगाते हुए डीएम ने कहा कि सड़क निर्माण और मरम्मत कार्य में किसी भी स्तर पर देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सीडीओ बागेश्वर को निर्देशित किया कि अगले जनता दरबार में किसी भी समस्या का दोहराव न देखने को मिले। उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा, “काम में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ तत्काल बर्खास्तगी की संस्तुति की जाएगी। मैं तबादले में नहीं, सीधे निलंबन में विश्वास रखती हूं।”

जिलाधिकारी ने सभी विभागों में बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य करते हुए कहा कि प्रत्येक कर्मचारी की उपस्थिति का दैनिक विश्लेषण किया जाए और अनुशासनहीनता पर तुरंत कार्रवाई हो। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा करते हुए चेताया कि कोई भी शिकायत लंबित नहीं रहनी चाहिए क्योंकि लंबित शिकायत प्रशासन की शिथिलता दर्शाती है। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि शिकायत पत्रों पर आवेदक का फोन नंबर अनिवार्य रूप से लिखा जाए ताकि विभाग सीधे संपर्क कर सके।

कार्यक्रम में मौजूद दर्जा राज्य मंत्री शिव सिंह बिष्ट भी अधिकारियों पर नाराज़ दिखे। उन्होंने सवाल किया कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण जनता दरबार को मजाक क्यों बनाया जा रहा है, जबकि जनता दूर–दराज़ से समस्याएं लेकर आती है। उन्होंने प्रशासन को अधिक संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की नसीहत दी।

जनता दरबार में पत्रकारों के बैठने की कोई व्यवस्था न होने से स्थानीय मीडिया प्रतिनिधियों ने नाराजगी व्यक्त की। पूरी बैठक के दौरान पत्रकारों को खड़ा रहना पड़ा, जिस पर उन्होंने उचित व्यवस्था की मांग उठाई। कार्यक्रम में ब्लॉक प्रमुख किशन सिंह बोरा, मुख्य विकास अधिकारी आर.सी. तिवारी, एसडीएम अनिल चनियाल सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी तथा कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।