शहीद लीलाधर कांडपाल की 36वीं पुण्यतिथि पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि, विद्यालय परिसर हुआ देशभक्ति से ओतप्रोत
गरुड, बागेश्वर । गरुड़ क्षेत्र के इंटर कॉलेज बनतोली में आज देश के वीर सपूत, अमर शहीद स्वर्गीय लीलाधर कांडपाल की 36वीं पुण्यतिथि अत्यंत गरिमामय एवं भावनात्मक वातावरण में मनाई गई। कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, शहीद के परिजनों, विद्यालय परिवार तथा बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने सहभागिता कर अमर शहीद को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शोभा आर्या तथा विशिष्ट अतिथि ब्लॉक प्रमुख श्री किसन बोरा रहे। कार्यक्रम की शुरुआत शहीद के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। काठगोदाम से विशेष रूप से पहुंचे सीआरपीएफ के सब इंस्पेक्टर दुर्गा सिंह बिष्ट ने शहीद को सलामी दी, जिसके पश्चात उपस्थित जनसमूह द्वारा दो मिनट का मौन रखकर उनके अद्वितीय बलिदान को नमन किया गया। इस क्षण ने पूरे वातावरण को भावुक कर दिया।
शहीद के परिजनों द्वारा सेवानिवृत्त फौजी कुंवर राम, जो शहीद का अस्थि कलश उनके पैतृक गांव लेकर आए थे, को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। यह सम्मान सैनिक परंपरा और राष्ट्र के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक बना।
अतिथियों के स्वागत में विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत मधुर स्वागत गीत ने कार्यक्रम में सांस्कृतिक गरिमा का संचार किया। बच्चों की प्रस्तुति ने यह संदेश दिया कि आने वाली पीढ़ी भी देशभक्ति और बलिदान की भावना को आत्मसात कर रही है।
गौरतलब है कि मूल रूप से गरुड़ क्षेत्र के नौगांव ग्राम निवासी स्वर्गीय लीलाधर कांडपाल 19 दिसंबर 1989 को पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी में उग्रवादियों से लोहा लेते हुए वीरगति को प्राप्त हुए थे। देश की रक्षा करते समय उन्हें एक विषाक्त तीर लगा, जिसके कारण वे शहीद हो गए। उनका यह सर्वोच्च बलिदान आज भी क्षेत्रवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
इस अवसर पर वक्ताओं ने शहीद के साहस, कर्तव्यनिष्ठा और देशभक्ति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे वीरों के कारण ही देश सुरक्षित है। उन्होंने युवाओं से शहीदों के जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्र सेवा के पथ पर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
शहीद के परिजनों द्वारा शिक्षा को बढ़ावा देने की भावना के तहत विद्यालय के तीन सर्वोच्च अंक प्राप्त छात्रों को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। प्रथम स्थान प्राप्त छात्र को 2500 रुपये, द्वितीय को 2000 रुपये तथा तृतीय स्थान प्राप्त छात्र को 1500 रुपये की नकद राशि प्रदान की गई। यह पहल शहीद की स्मृति को शिक्षा और प्रेरणा से जोड़ने का सार्थक प्रयास रही।
कार्यक्रम में शहीद की धर्मपत्नी श्रीमती मुन्नी देवी कांडपाल, उनके पुत्र एडवोकेट चंद्रशेखर कांडपाल, गिरीश कांडपाल, आनंद कांडपाल तथा पौत्र भूपेश जनमेजय और धीरज कांडपाल ने भी पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर मंगल राणा, विजय गिरी, फकीर सिंह, मोहन सिंह बोरा, मोहन राणा, मुन्ना राम, लछम राम, हीरा राम, राजेन्द्र बोरा, दीप चंद्र कांडपाल, संजय कांडपाल, प्रमोद कांडपाल, योगिता कांडपाल, बीना जोशी, गीता पांडे व पत्रकार अर्जुन राणा सहित विद्यालय परिवार के प्रभारी प्रधानाचार्य अनिल कुमार पांडे, प्रणव नाथ, डॉ. पिंकी पांडे, किशोर कुमार, रजनी जोशी, हरीश चंद्र सहित अनेक शिक्षक, कर्मचारी एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
समारोह का समापन अमर शहीद लीलाधर कांडपाल के बलिदान को सदैव स्मरण रखने और उनके आदर्शों पर चलने के संकल्प के साथ हुआ। कार्यक्रम ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि शहीद कभी मरते नहीं, वे राष्ट्र की स्मृति में सदैव अमर रहते हैं।
