गरुड में औषधि विभाग की बड़ी कार्रवाई: एक मेडिकल स्टोर पर बिक्री-खरीद प्रतिबंध, पांच को नोटिस
गरुड़, बागेश्वर। जनस्वास्थ्य की सुरक्षा और गुणवत्तायुक्त औषधियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बागेश्वर जनपद में औषधि विभाग ने व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया। जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में औषधि निरीक्षक पूजा रानी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बैजनाथ के औषधि भंडार, जनऔषधि केंद्र तथा गरुड़, बैजनाथ एवं चौरसौं क्षेत्र में संचालित विभिन्न औषधि प्रतिष्ठानों का गहन निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान सीएचसी बैजनाथ के औषधि भंडार में दवाओं के भंडारण की व्यवस्था, तापमान एवं आर्द्रता नियंत्रण, स्टॉक प्रबंधन, अभिलेख संधारण, बैच-वार ट्रेसबिलिटी, एक्सपायरी मॉनिटरिंग तथा ई-औषधि पोर्टल के संचालन का सूक्ष्म परीक्षण किया गया। साथ ही औषधियों के सुरक्षित वितरण और प्रभावी प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्थाओं का भी मूल्यांकन किया गया। प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केंद्र में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता, गुणवत्ता संरक्षण उपायों तथा लाभार्थियों को औषधियों के वितरण की प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई।
अभियान के तहत क्षेत्र के खुदरा एवं थोक औषधि प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करते हुए औषधियों के क्रय-विक्रय अभिलेख, लाइसेंस संबंधी प्रावधानों के अनुपालन, भंडारण मानकों, फार्मासिस्ट की उपलब्धता तथा सीसीटीवी व्यवस्था की जांच की गई। निरीक्षण के दौरान एक औषधि प्रतिष्ठान में औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम, 1940 के तहत गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर उसके औषधियों के क्रय-विक्रय पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई। संबंधित प्रतिष्ठान को कमियों के निराकरण हेतु आवश्यक सुधारात्मक एवं निवारक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि संतोषजनक अनुपालन होने तक यह प्रतिबंध प्रभावी रहेगा।
इसके अतिरिक्त पांच मेडिकल स्टोरों को विभिन्न अनियमितताओं के संबंध में सात दिनों के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने और आवश्यक अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। औषधि निरीक्षक ने चेतावनी दी कि निर्धारित अवधि में संतोषजनक जवाब और सुधारात्मक कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में संबंधित प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित करने की संस्तुति की जाएगी।
औषधि निरीक्षक पूजा रानी ने कहा कि औषधि विभाग जनसामान्य को सुरक्षित, प्रभावी और गुणवत्तायुक्त दवाएं उपलब्ध कराने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जनस्वास्थ्य के हित में ऐसे निरीक्षण अभियान निरंतर जारी रहेंगे तथा औषधि आपूर्ति श्रृंखला की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा अनियमितता पर कठोर नियामकीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। यह अभियान स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को सुदृढ़ करने और मरीजों के हितों की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
