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October 14, 2026

राम मंदिर चंदे की जांच और रानीखेत अस्पताल में डॉक्टरों की नियुक्ति की मांग


अल्मोड़ा ।   रानीखेत के पूर्व विधायक करन माहरा ने शुक्रवार को आयोजित प्रेस वार्ता में राज्य सरकार पर कानून-व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं और जनहित के मुद्दों की उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने अयोध्या स्थित राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे और दान सामग्री से जुड़े मामलों की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराने की मांग की। करन माहरा ने कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए देशभर के लोगों ने आस्था के साथ दान दिया है, इसलिए जनता को यह जानने का अधिकार है कि दान की गई राशि और सामग्री का उपयोग किस प्रकार हुआ। उन्होंने बताया कि इस मांग को लेकर शनिवार को रानीखेत में विरोध रैली निकाली जाएगी। इसके बाद विभिन्न गांवों में जनसंपर्क अभियान चलाकर लोगों से प्रतीकात्मक रूप से चावल एकत्र किए जाएंगे, जिन्हें अयोध्या भेजते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की जाएगी। स्वास्थ्य सेवाओं का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि रानीखेत उप-जिला चिकित्सालय सहित पर्वतीय क्षेत्रों के अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी गंभीर चिंता का विषय है। उनका आरोप था कि रानीखेत अस्पताल से चार अनुभवी चिकित्सकों का स्थानांतरण कर दिया गया है, जबकि अस्पताल में स्वीकृत 90 पदों में से 32 पद पहले से रिक्त हैं। उन्होंने कहा कि लैब टेक्नीशियन, एंबुलेंस चालक और अन्य कर्मचारियों की कमी के कारण मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्तियां करने और स्थानांतरित चिकित्सकों के मामलों की समीक्षा करने की मांग की। करन माहरा ने कहा कि क्षेत्रीय विधायक जिन विकास कार्यों का उद्घाटन कर रहे हैं, वे पूर्व में उनके कार्यकाल में स्वीकृत किए गए थे। उन्होंने रानीखेत नगर में प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण का भी विरोध करते हुए कहा कि वैकल्पिक मार्गों के विकास का समर्थन किया जाएगा, लेकिन शहर की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान से कोई समझौता नहीं होने दिया जाएगा। इस अवसर पर नगरपालिका अध्यक्ष अरुण रावत, नगर अध्यक्ष उमेश भट्ट सहित कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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