August 5, 2026

श्री हरु शांति वन में चला हरित अभियान, वृक्षारोपण के साथ पौधों के संरक्षण का लिया संकल्प

पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन विकास की दिशा में ग्रामीणों, वन विभाग व मंदिर समिति की अनूठी पहल, विश्व मित्रता दिवस पर पेड़ों से मित्रता का दिया संदेश

बागेश्वर। पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने और भविष्य की पीढ़ियों के लिए हरित विरासत तैयार करने के उद्देश्य से श्री हरु धाम ढौढार-दफौट स्थित “श्री हरु शांति वन” में रविवार को व्यापक वृक्षारोपण एवं पूर्व में लगाए गए पौधों की देखरेख, निराई-गुड़ाई और संरक्षण अभियान चलाया गया। इस अभियान में क्षेत्रीय ग्रामीणों, वन विभाग, जनप्रतिनिधियों और मंदिर समिति के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर प्रकृति संरक्षण के प्रति अपनी सामूहिक प्रतिबद्धता का परिचय दिया।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया तथा पूर्व में लगाए गए पौधों की सुरक्षा और बेहतर विकास के लिए उनकी नियमित देखभाल की गई। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से भी विकसित करने के संकल्प को दोहराया गया।

कार्यक्रम में बताया गया कि वर्ष 2016 से स्थानीय लोगों के सहयोग से इस क्षेत्र को हरित और आकर्षक स्वरूप देने का अभियान निरंतर चलाया जा रहा है। इसी प्रयास को नई पहचान देते हुए वर्ष 2019 में इस विकसित हो रहे वन क्षेत्र का नाम “श्री हरु शांति वन” रखा गया। यहां लगाए गए सभी पौधों को भगवान श्री हरु के चरणों में समर्पित किया गया है, जिससे यह स्थान धार्मिक आस्था और प्रकृति संरक्षण का अनूठा संगम बन गया है।

आयोजकों ने विश्वास जताया कि स्थानीय जनमानस, मंदिर समिति और वन विभाग के सतत सहयोग से आने वाले समय में यह क्षेत्र एक आदर्श संयुक्त वन के रूप में विकसित होगा, जो पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ पर्यटन और जैव विविधता के संवर्धन का भी महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।

अभियान के दौरान देवकी लघु वाटिका की ओर से सीलिंग, पीपल, देवदार, मोरपंखी, सुबबुल, बाँज और फल्याट सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए। वहीं वन विभाग द्वारा ग्रामीणों को कागजी नींबू के पौधों का वितरण कर उन्हें घरों और खेतों के आसपास अधिक से अधिक पौधारोपण के लिए प्रेरित किया गया।

इस अवसर पर श्रीमती देवकी देवी, डिप्टी रेंजर चंदन सिंह टगनिया, वन बीट अधिकारी गीता तेवारी, रघुवीर सिंह दफौटी, जगदीश सिंह दफौटी, जीवन जोशी, सुनील जोशी, रमेश पर्वतीय, रमेश चंद्र, नरेंद्र बिष्ट, दान सिंह, भूपाल सिंह, उमेश सिंह, खड़क सिंह, पुरन सिंह, सज्जन सिंह सहित अनेक ग्रामीण और पर्यावरण प्रेमी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के समापन पर किशन मलड़ा ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए विश्व मित्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सच्ची मित्रता केवल मनुष्यों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि पेड़-पौधों और प्रकृति से भी मित्रता करनी चाहिए। उन्होंने सभी से अधिक से अधिक पौधे लगाने, उनकी नियमित देखभाल करने और पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान में सक्रिय सहयोग देने की अपील की।

उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति एक पौधे को मित्र मानकर उसका संरक्षण करने का संकल्प ले, तो आने वाले वर्षों में हर क्षेत्र हरा-भरा होगा और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में समाज की महत्वपूर्ण भूमिका सुनिश्चित होगी। श्री हरु शांति वन का यह अभियान इसी सोच को साकार करने की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल बनकर उभर रहा है।

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