गांवों में रोजगार की नई राह खोलेगी मुख्यमंत्री उद्यमशाला: धामी
बागेश्वर में मुख्यमंत्री उद्यमशाला चौपाल-2026 का भव्य आयोजन, ग्रामीण उद्यमियों को प्रशिक्षण, मेंटरशिप और मार्गदर्शन का भरोसा
बागेश्वर। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और उद्यमिता को नई उड़ान देने के उद्देश्य से शुक्रवार को विकास भवन सभागार में मुख्यमंत्री उद्यमशाला चौपाल-2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ बागेश्वर विधायक पार्वती दास और जिला पंचायत अध्यक्ष शोभा आर्या ने दीप प्रज्वलित कर किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल माध्यम से चौपाल को संबोधित करते हुए ग्रामीण युवाओं और स्थानीय उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और गांवों में रोजगार के नए अवसर पैदा करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। योजना के तहत ग्रामीण युवाओं और उद्यमियों को व्यवसाय कौशल प्रशिक्षण, मेंटरशिप और जरूरी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे और पलायन रोकने में भी मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में अब तक 3 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। गांवों में तैयार हो रहे स्थानीय उत्पाद अब देशभर में अपनी पहचान बना रहे हैं। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में नवाचार, स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्यम और स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया।
गांव-गांव पहुंचेगा जागरूकता वाहन
कार्यक्रम में विधायक पार्वती दास ने मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के प्रचार-प्रसार के लिए जागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह वाहन गांव-गांव पहुंचकर ग्रामीणों को योजना की जानकारी देगा और पात्र लोगों को योजना से जुड़ने तथा पंजीकरण के लिए प्रेरित करेगा।
उत्कृष्ट उद्यमियों का हुआ सम्मान
चौपाल में बेहतर कार्य करने वाले स्थानीय उद्यमियों को भी सम्मानित किया गया। दरवान सिंह, बलवंत सिंह, दया दानु, कंचन उपाध्याय, भावना परिहार, मनीषा वनकोटी, हीरा सिंह और कौशल्या देवी को उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। सम्मान मिलने पर उद्यमियों में उत्साह देखने को मिला।
चौपाल में कृषि एवं गैर-कृषि आधारित ग्रामीण उद्यमों को बढ़ावा देने, स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग एवं बाजार उपलब्ध कराने और ग्रामीण क्षेत्रों में मजबूत उद्यमिता इकोसिस्टम तैयार करने को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। स्थानीय उद्यमियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और बाजार से जुड़ाव मिलने पर पहाड़ के युवा अपने गांव में रहकर भी बेहतर स्वरोजगार खड़ा कर सकते हैं।
इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष सुरेश खेतवाल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष विशाखा खेतवाल, मुख्य विकास अधिकारी नरेश कुमार, संबंधित विभागों के अधिकारी, विषय विशेषज्ञ, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं और बड़ी संख्या में स्थानीय उद्यमी मौजूद रहे।
स्थानीय हुनर को बाजार और युवाओं को रोजगार देने की दिशा में बड़ा कदम
मुख्यमंत्री उद्यमशाला चौपाल बागेश्वर के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि पहाड़ी क्षेत्रों में स्थानीय संसाधन, पारंपरिक उत्पाद और महिलाओं के स्वयं सहायता समूह पहले से ही बड़ी संभावनाएं रखते हैं। यदि इन्हें प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता, बेहतर पैकेजिंग और बाजार से जोड़ा जाए तो गांवों में ही रोजगार के मजबूत अवसर तैयार किए जा सकते हैं।
