सीएचसी कांडा में डीएम का औचक निरीक्षण, व्यवस्थाओं की खुली पोल; सफाई से लेकर दवा प्रबंधन तक पर दिए कड़े निर्देश
दवाओं के स्टॉक का किया भौतिक सत्यापन, एक्सपायरी दवाओं पर जताई सख्ती—बायोमेडिकल वेस्ट निस्तारण एक सप्ताह में सुनिश्चित करने को कहा
बागेश्वर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कांडा में शनिवार को उस समय स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया, जब जिलाधिकारी अपूर्वा पाण्डे ने अचानक अस्पताल पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया। डीएम ने अस्पताल के विभिन्न कक्षों का बारीकी से जायजा लेते हुए मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, दवा प्रबंधन, स्वच्छता, संक्रमण नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्थाओं की स्थिति परखी। निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिलने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने आपातकालीन कक्ष, पंजीकरण कक्ष, दवा वितरण कक्ष, औषधि भंडार, कोल्ड चेन कक्ष, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड कक्ष, प्रसव कक्ष, शौचालय तथा पेयजल आपूर्ति सहित अस्पताल के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को बेहतर उपचार के साथ स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
प्रसव सेवाओं को बेहतर बनाने पर जोर
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने प्रसव सेवाओं की व्यवस्थाओं की भी जानकारी ली। उन्होंने प्रसव सेवाओं को और बेहतर एवं प्रभावी बनाने के लिए प्रेग्नेंसी टेबल समेत अन्य आवश्यक उपकरणों की मांग तत्काल भेजने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव संबंधी सुविधाएं पर्याप्त और सुचारु रहनी चाहिए, ताकि स्थानीय लोगों को अनावश्यक रूप से अन्य अस्पतालों की ओर न जाना पड़े।
दवा स्टॉक की जांच, एक्सपायरी दवाओं पर सख्त चेतावनी
औषधि भंडार कक्ष के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने दवाइयों के स्टॉक रजिस्टर की जांच की और उपलब्ध दवाओं का मौके पर भौतिक सत्यापन भी किया। उन्होंने स्टॉक रजिस्टर का नियमित और सही तरीके से संधारण करने के निर्देश दिए, ताकि कागजी रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में किसी प्रकार का अंतर न रहे।
डीएम ने साफ शब्दों में निर्देश दिए कि अस्पताल में किसी भी स्थिति में एक्सपायर दवा नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने दवाओं के रखरखाव और वितरण व्यवस्था को व्यवस्थित रखने के साथ-साथ समय-समय पर स्टॉक की जांच करने को कहा।
सफाई व्यवस्था पर नाराज हुईं डीएम, तत्काल सुधार के निर्देश
अस्पताल परिसर में साफ-सफाई व्यवस्था अपेक्षा के अनुरूप नहीं मिलने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल सफाई व्यवस्था में सुधार लाने के निर्देश दिए। मरीजों को स्वच्छ एवं बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के लिए उन्होंने बेडशीट बदलने में कलर कोडिंग सिस्टम का अनिवार्य रूप से पालन करने को कहा।
डीएम ने स्पष्ट किया कि अस्पताल में स्वच्छता केवल दिखावे तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि मरीजों की सुरक्षा और संक्रमण नियंत्रण के लिहाज से निर्धारित मानकों के अनुरूप नियमित सफाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण के लिए एक सप्ताह की समयसीमा
जिलाधिकारी ने अस्पताल में निकलने वाले बायोमेडिकल वेस्ट के उचित निस्तारण की व्यवस्था को भी गंभीरता से लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि एक सप्ताह के भीतर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि मेडिकल कचरे का निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार निस्तारण नहीं होने पर संक्रमण और स्वास्थ्य संबंधी गंभीर खतरे पैदा हो सकते हैं।
इंजेक्शन और सीरिंज के सुरक्षित निस्तारण पर भी जोर
आपातकालीन वार्ड के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने ड्यूटी रजिस्टर की भी जांच की। उन्होंने ड्यूटी रजिस्टर का नियमित एवं सही तरीके से संधारण करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रयुक्त इंजेक्शन और सीरिंज को निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार सुरक्षित तरीके से निस्तारित करने को कहा।
उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देशित किया कि अस्पताल में स्वच्छता, दवा प्रबंधन, सुरक्षा और संक्रमण नियंत्रण से जुड़े सभी मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए। उन्होंने कहा कि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
हर व्यवस्था की नियमित निगरानी के निर्देश
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार एक दिन की कार्रवाई नहीं, बल्कि निरंतर प्रक्रिया होनी चाहिए। दवाओं के स्टॉक से लेकर सफाई, उपकरणों की उपलब्धता, बायोमेडिकल वेस्ट और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं की नियमित निगरानी की जाए, ताकि किसी भी कमी को समय रहते दूर किया जा सके।
निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी अनिल चनियाल, प्रभारी चिकित्साधिकारी दिवाकर पांडेय, चिकित्साधीक्षक आशुतोष तिवारी तथा क्षेत्र पंचायत सदस्य विनय सिंह मौजूद रहे।
