जल जीवन मिशन योजना बजट के अभाव में खुद ही प्यासी
नई टिहरी । जल जीवन मिशन में धनराशि नहीं मिलने से 16 पेयजल योजनाएं अधर में लटकी हुई है। इससे गांव के लोगों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। मिशन के तहत बनाई गई करीब 824 योजनाओं का डेढ़ साल से भुगतान नहीं हो पाया है जिससे ठेकेदारों के सामने विभाग के चक्कर काटने की मजबूरी बनी है।
केंद्र सरकार की जल जीवन मिशन योजना के तहत जिले में 2306 पेयजल योजनाओं पर काम शुरू किया गया। उनमें से अभी तक 2290 योजनाओं का काम पूरा हो गया है लेकिन 16 योजनाएं बजट नहीं मिलने के कारण अधर में लटक गई है। हालांकि इन योजनाओं पर 90 फीसदी कार्य पूरा हो गया है लेकिन कुछ कार्य शेष होने के कारण नियमित और पर्याप्त जलापूर्ति नहीं हो पा रही है।ठेकेदारों का कहना है कि डेढ़ साल से भुगतान अटका हुआ है। ऐसे में योजना का काम पूरा करना मुश्किल हो रहा है। बजट नहीं मिलने के कारण जल निगम 94 करोड़ रुपये का देनदार बना है। पूरी बन चुकी 2290 योजनाओं में से 824 पेयजल योजनाओं का भुगतान नहीं हो पाया है जिससे ठेकेदार जल निगम कार्यालय के चक्कर काटने को मजबूर हैं। हालांकि विभाग का दावा है कि अधिकतर योजनाओं पर नब्बे फीसदी भुगतान हो चुका है लेकिन ठेकेदारों का कहना है, कि डेढ़ साल से उनका बीस से तीस फीसदी भुगतान लटका हुआ है। इससे उन्हें कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने विभाग से शीघ्र भुगतान कराने की मांग की है।
अधिकतर पेयजल योजनाओं पर 90 फीसदी भुगतान कर दिया गया है। अब 94 करोड़ की देनदारी बाकी है। इसके लिए शासन से पत्राचार किया जा रहा है। सितंबर माह में बजट मिलने की उम्मीद है।- वीके जैन, अधीक्षण अभियंता जल निगम नई टिहरी ।
