गरुड़ में खेत में घास काटने गई महिला को सांप ने डसा, हल्द्वानी में उपचार के दौरान मौत
हरबगड़ गांव में पसरा मातम, इकलौते अविवाहित पुत्र के सिर से उठा मां का साया; ग्रामीणों ने जताया गहरा दुख
गरुड़, बागेश्वर। विकासखंड गरुड़ के ग्राम हरबगड़ में जहरीले सांप के डसने से एक महिला की उपचार के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद से पूरे गांव में शोक का माहौल है। मृतका अपने पीछे इकलौते अविवाहित पुत्र को छोड़ गई हैं। मां की मौत की खबर मिलते ही पुत्र और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार हरबगड़ निवासी बसंती देवी, पत्नी खीम नाथ, 14 सितंबर 2026 को सुबह करीब 9:30 बजे खेतों में घास काटने के लिए अकेले गई थीं। बताया जा रहा है कि खेत में घास काटने के दौरान उन्हें जहरीले सांप ने डस लिया। सांप के काटने के बाद उनकी हालत बिगड़ने लगी।
घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण उन्हें उपचार के लिए तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बैजनाथ ले गए। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें जिला अस्पताल बागेश्वर रेफर किया। स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर उन्हें आगे बेस अस्पताल अल्मोड़ा तथा बाद में बेहतर उपचार के लिए सुशीला तिवारी अस्पताल, हल्द्वानी रेफर किया गया।
परिजनों के अनुसार हल्द्वानी अस्पताल में चिकित्सकों द्वारा महिला का उपचार किया जा रहा था। परिजनों और चिकित्सकों के तमाम प्रयासों के बावजूद बसंती देवी ने 16 सितंबर की सुबह करीब 10:30 बजे उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
इकलौते बेटे के सिर से उठा मां का साया
बसंती देवी की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वह अपने पीछे इकलौते अविवाहित पुत्र को छोड़ गई हैं। मां की मौत के बाद पुत्र सदमे में है और उसका रो-रोकर बुरा हाल बताया जा रहा है। परिवार के लोगों के लिए यह घटना बेहद पीड़ादायक बनी हुई है।
गांव में शोक की लहर
बसंती देवी के निधन की सूचना गांव पहुंचते ही हरबगड़ में शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीण बड़ी संख्या में शोक संतप्त परिवार के घर पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधा रहे हैं। ग्रामीणों ने इस दुखद घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को यह असहनीय दुख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की।
हरबगड के पूर्व प्रधान मोहन नाथ सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने वन विभाग से शोकाकुल परिवार को तत्काल सहायता राशि दिए जाने की मांग की हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों और घास के बीच सांपों का खतरा बरसात के मौसम में बढ़ जाता है। ऐसे में ग्रामीणों से खेतों, झाड़ियों और घास काटने वाले स्थानों पर अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की जाती है। सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक या घरेलू उपचार में समय गंवाने के बजाय तत्काल अस्पताल पहुंचाना महत्वपूर्ण माना जाता है।
