हम पत्रकार से स्वतंत्र रहने, सत्ता से सवाल पूछने और सच बोलने की उम्मीद करते हैं; लेकिन जब उसकी स्वतंत्रता की कीमत चुकाने की बारी आती है, तो सरकार, विपक्ष और समाज—तीनों पीछे हट जाते है।
सरकार को अपनी बात जनता तक पहुँचाने के लिए पैसा देना पड़े, यह समझ में…
