September 19, 2026

जाने प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना में बागेश्वर जनपद के चयनित ग्राम

बागेश्वर ।   प्रधान मंत्री आदर्श ग्राम योजना (पीएमएजीवार्इ) की समीक्षा बैठक मुख्य विकास अधिकारी एस.एस.एस.पांगती की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में आयोजित की गयी। मुख्य विकास अधिकारी ने प्रधान मंत्री आदर्श ग्राम योजना के बारे में जिला समाज कल्याण अधिकारी से जानकारी ली। बैठक में जिला समाज कल्याण अधिकारी एन.एस.गस्याल ने अवगत कराया है कि प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना भारत सरकार की एक नर्इ योजना है जिसमें जिला स्तर पर समिति का गठन किया गया है जिसमें जिलाधिकारी समिति के अध्यक्ष है तथा मुख्य विकास अधिकारी समिति के उपाध्यक्ष है, जिला समाज कल्याण अधिकारी सदस्य सचिव व अन्य रेखीय विभाग सदस्य नामित किये गये है। उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य 50 प्रतिशत से अधिक अनु0जाति0 जनसंख्या वाले गांवों का एकीकृत विकास सुनिश्चित करना है। जिसके अंतर्गत सामाजिक, आर्थिक विकास के लिए आवश्यक सभी अपेक्षित अवसंरचना की जरूरत हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत विभिन्न कार्य क्षेत्रों के लिए 50 निगरानी योग्य संकेतको में 10 कार्यक्षेत्रों सें संबंधित है जिसमें पेयजल, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ और पोषण, समाज सुरक्षा, ग्रामीण सड़कें और आवास, विद्युती एवं स्वच्छ र्इधन, कृषि पद्धतियां आदि, वित्तीय समावेश, डिजिटलीकरण और कौशल विकास योग्य संकेतको में सुधार करना है। उन्होंने कहा कि पेयजल व स्वच्छता में गांव को कवर करने के लिए पर्याप्त पेयजल की स्थिति, स्वच्छ पेयजल प्रदत्त परिवारों की संख्या, अलग-अलग परिवार शौचालय, आर्इएचएचएल वाले के परिवारो का विवरण, गांव में सभी स्कूलों और आंगनबाडी केंद्रों में शौचालय की स्थिति, गांव में लोग अभी भी खुले में शौच की स्थिति, आंतरिक सडकों के साथ जुडी नालियों का विवरण, मौजूदा कार्यरत नालियों का विवरण, ठोस एवं तरल अपशिष्ट का प्रभावी ढंग से निपटान करने का प्रतिशत उक्त सभी दस बिंदुओं पर संबंधित विभागीय अधिकारियों के द्वारा मूल्यांकन किया जाना है। बैठक में उन्होंने अवगत कराया कि प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत जनपद बागेश्वर में 50 प्रतिशत से अधिक अनु0जाति0 जनसंख्या वाले 16 गांवो का चयन किया गया हैं। जिसमें विकास खंड बागेश्वर में 11 गांव चयनित किये गये है जिसमें सिमकुना, अनर्सा, चौगांवछीना, भटखोला चक किमखोली, ओखलीसिरौद, भेरूचबट्टा, घटगाड़, सैंज, झडकोट, आरे तथा चौरा शामिल है। विकास खंड गरूड़ के अंतर्गत 03 ग्राम पंचायतें चयनित की गयी हैं जिसमें लखनी, लमचूला तथा उडखुली तथा विकास खंड कपकोट के अंतर्गत 02 ग्राम पंचायतें चयनित की गयी है जिसमें चचर्इ तथा रिखाड़ी शामिल हैं। बैठक में प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के संबंध में स्लार्इड शो के माध्यम से भी विस्तृत जानकारी उपलब्ध करायी गयी।बैठक में मुख्य विकास अधिकारी एस.एस.एस.पांगती ने उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिये है कि प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना (पीएमएजीवार्इ) एक महत्वपूर्ण योजना है इस योजना के माध्यम से चयनित किये गयें गांवो में सभी सुविधायें उपलब्ध करानी है इसके लिए उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिये है कि इस योजना के सफल संचालन के लिए सभी अधिकारी चिन्हित गांव के लिए नोडल अधिकारी नामित करें ताकि वह उन गांवो का सर्वेक्षण करते हुए उन गांवो में पेयजल, स्वच्छता और संरचनात्मक विकास, ठोस तथा द्रव्य अपशिष्ट पदार्थ निपटान सुविधाओं की स्थापना, स्कूलों व आंगनबाडी में शौचालय निर्माण, हर मौसम के अनूकुल सड़को का निर्माण, सोलर व स्ट्रीट लार्इटों की स्थिति, स्वास्थ पोषण की स्थिति आदि पर अपनी विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने कहा कि पीएमएजीवार्इ निधियों का उपयोग करने की समय सीमा नये गांव के लिए धनराशि जारी करने की तारिख से 02 वर्ष की होगी और वित्त पोषण के अतिरिक्त चक्र के अंतर्गत गांव के लिए 01 वर्ष होगी तथा अभिशरण संबंधि कार्यान्वयन सभी चुनिंदा गांवों में कम से कम और 03 वर्ष तक जारी रहेगा ताकि बुनियानी आदर्श ग्राम संबंधि उद्देश्य प्राप्त किये जा सकें और निगरानी योग्य संकेतको में स्थायित्व एवं सुधार लाये जा सके। बैठक में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ उदय शंकर, परियोजना निदेशक डीआरडीए अमर सिंह गुज्यांल, उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ वी.के.सक्सेना, जिला पूर्ति अधिकारी अरूण कुमार वर्मा, कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी गीतांजली बंगारी, अधि0अभि लोनिवि बागेश्वर उमेश पंत, कपकोट संजय पांडे, खंड विकास अधिकारी बागेश्वर आलोक भण्डारी, कपकोट गंगागिरि गोस्वामी, गरूड रमेश राम सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद थे।