January 30, 2026

क्रिकेट में देशवासियों को मिला दीपावली का तोहफा

आखरीआंख

टीम इंडिया ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में 3-0 से जीत हासिल कर देशवासियों को दीवाली को तोहफा दिया और दुनिया के टेस्ट क्रिकेट परिदृश्य में अपना मुकाम थोड़ा और ऊंचा कर लिया। मंगलवार को रांची टेस्ट के चौथे दिन भारत ने साउथ अफ्रीका को पारी और 202 रनों से हरा दिया। साउथ अफ्रीका के खिलाफ यह भारत की सबसे बड़ी जीत है। इस शानदार जीत के साथ ही भारत ने घरेलू सरजमीं पर लगातार सबसे यादा टेस्ट सीरीज जीतने का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। भारतीय टीम ने एमएस धोनी, अजिंक्य रहाणे और विराट कोहली की कप्तानी में अब तक घरेलू सरजमीं पर कुल 11 सीरीज जीती हैं। इस क्रम में उसने ऑस्ट्रेलिया को पीछे छोड़ दिया है, जिसने दो बार 10-10 टेस्ट सीरीज लगातार अपने देश में जीती हैं।
भारत ने इस श्रृंखला का पहला टेस्ट 203 रन से और दूसरा पारी और 137 रन से जीता था। तीनों मैचों में साउथ अफ्रीकी टीम एकदम बेदम नजर आई। भारतीय खिलाड़ी खेल के हर विभाग में हावी रहे। सीरीज विजय में सबसे उल्लेखनीय भूमिका भारत के पेस अटैक की रही। अब तक भारतीय माहौल में स्पिनर्स को ही भारत की असली ताकत माना जाता था। हर मेहमान टीम नेट पर स्पिन प्रैक्टिस ही यादा करती थी, क्योंकि यह मानकर चलती थी कि फिरकी के जाल से बचना ही उसके सामने मुय चुनौती है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में भारतीय पेसर्स की नई खेप ने दुनिया को चकित कर दिया है। आज देश के पास एक से एक शानदार तेज गेंदबाज हैं जो हर कंडीशन में एक लय में गेंदबाजी कर सकते हैं और जरूरत के मुताबिक अपनी शैली बदल भी सकते हैं।
दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज जुबैर हमजा ने स्वीकार किया कि वे स्पिनरों के खिलाफ रणनीति बनाकर आए थे, पर उन्हें तेज गेंदबाजों से कड़ी चुनौती मिली। पिछले दिनों वेस्टइंडीज के पूर्व बल्लेबाज ब्रायन लारा ने टीम इंडिया के पेस अटैक की जमकर तारीफ की और कहा कि इसको देखकर उन्हें 80 के दशक का कैरीबियाई तेज गेंदबाजी आक्रमण याद आ जाता है। सबसे बड़ी बात यह रही कि इस टीम में ईशांत शर्मा को छोड़कर बाकी पेसर यादा अनुभवी नहीं थे, फिर भी उन्होंने जबर्दस्त धार दिखाई। बल्लेबाजी में भी हर स्तर पर मजबूती दिखी।
इस सीरीज से सलामी बल्लेबाज की भूमिका शुरू करने वाले रोहित शर्मा ने तीन टेस्ट में 529 रन जोड़े। मयंक अग्रवाल ने भी एक दोहरा शतक और एक शतक जड़ा जिससे साफ है कि भारत को एक ताकतवर और भरोसेमंद सलामी जोड़ी मिल गई है। मिडल ऑर्डर में चेतेश्वर पुजारा, विराट कोहली और अजिंक्य रहाणे की तिकड़ी मजबूत है। अछे स्पिनर्स का जुडऩा लगातार जारी है। शाहबाज नदीम ने अपने पहले ही टेस्ट में सबका ध्यान खींचा है। विराट कोहली की कप्तानी की चमक थोड़ी और बढ़ी है। खिलाडिय़ों को एकजुट रखने और नई चुनौतियों के लिए उन्हें तैयार करने में फिलहाल वे दुनिया के सभी कप्तानों में अव्वल हैं।

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