September 26, 2026

बाल श्रम एक अपराध हैं : डीएम

 

बागेश्वर । बाल श्रम न केवल अपराध है बल्कि एक ऐसी मनोवृत्ति भी है जो समाज में अनेक कुरितियों को पैदा करती है। इसलिए यह अतिआवश्यक है कि बाल श्रम उन्मूलन हेतु विभिन्न विभाग परस्पर समन्वय के साथ कार्य करते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास को पहुॅचाना सुनिश्चित करें यह बात जिलाधिकारी रंजना राजगुरू ने बाल मजदूर उन्मूलन के लिए गठित टास्क फोर्स की समीक्षा बैठक लेते हुए कही।
बैठक के दौरान श्रम प्रवर्तन अधिकारी सुरेश चन्द्र ने जिले में बाल श्रमिक उन्मूलन हेतु किये जा रहे कार्यों की प्रगति के बारे में जिलाधिकारी को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि जनपद में बाल श्रम से संबंधित कोर्इ मामला संज्ञान में नहीं आया है। उन्होंने कहा कि बाल एवं किशोर श्रम की अद्यतन स्थिति हेतु सर्वेक्षण भी किया जा रहा है।
जिलाधिकारी ने श्रम प्रवर्तन अधिकारी को कढ़े निर्देश जारी करते हुए कहा कि जनपद से बाल श्रम के पूर्ण उन्मूलन हेतु वे पुलिस विभाग के साथ संयुक्त रूप से निर्माण स्थलों, होटलों, ढाबों, खनन क्षेत्र आदि क्षेत्रों में चैकिंग अभियान चलायें। यदि कोर्इ संस्थान बाल मजदूरी कराते हुए पाया जाता है तो उस पर सख्त कार्यवाही अमल में लाया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने जिला टास्क फोर्स के अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि 06 से 14 वर्ष तक की आयु का कोर्इ भी बच्चा किसी भी नियोजन आदि में बाल श्रम करते हुए पाया जाता है तो उसे मुक्त कराते हुए समाज कल्याण विभाग को तत्काल सूचना दें। उन्होंने जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देशित किया कि ग्राम प्रधानों के माध्यम से भी बाल श्रम के संबंध में निर्मित कानून एवं उनके प्राविधानों का संबंधित स्थानीय जनता में प्रचार प्रसार कराना सुनिश्चित करें, साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि यदि ग्रामीण क्षेत्र में बाल श्रम से संबंधित कोर्इ भी मामला संज्ञान में आता है तो उस पर तत्काल रूप से कार्यवाही हो।
उन्होंने श्रम प्रवर्तन अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि ऐसे श्रमिक जो मजदूरी करने में असमर्थ है उनका चिन्हीकरण करते हुए उन्हें सरकार द्वारा चलार्इ जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के अन्तर्गत पात्र बनाने हेतु जिला समाज कल्याण विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों से समन्वय करते हुए उनकी समस्याओं का निदान करें। उन्होंने श्रम प्रवर्तन अधिकारी को यह भी निर्देश दिये कि बाल श्रम उन्मूलन हेतु व्यापक प्रचार प्रसार करते हुए लोगों को जागरूक किया जाय, इसके लिए विभिन्न बहुउद्देशीय शिविरों आदि में पैम्पलेट, बैनर आदि को लगाया जाय साथ ही जनपद के महत्वपूर्ण स्थानों पर बाल श्रम उन्मूलन से संबंधित कानूनी प्राविधानों को भी चस्पा किया जाय।
बैठक में अपर जिलाधिकारी राहुल कुमार गोयल, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 बी0एस0 रावत, जिला समाज कल्याण अधिकारी एन.एस.गस्याल, पुलिस उपाधीक्षक महेश जोशी, अध्यक्ष जिला बाल कल्याण समिति तारा चन्द्र उप्रेती, जिला पंचायत राज अधिकारी रामपाल सिंह आदि उपस्थित रहे।