पदक का सूखा खत्म, चार दशकों बाद आया मेडल
रेसलिंग में भारत को तगड़ा झटका, दुनिया की नंबर 1 पहलवान विनेश क्वार्टर फाइनल में हारीं
टोक्यो, । भारत को रेसलिंग में झटका लगा है। दुनिया की नंबर 1 पहलवान भारत की विनेश फोगाट महिलाओं के 53 किग्रा भार वर्ग के चर्टर फाइनल में हार गईं। विनेश को बेलारूस की पहलवान वैनेसा कलाडजिंस्काया ने शिकस्त दी। इस हार के बाद विनेश पदक जीतने की रेस में बनी हुई हैं। अब उन्हें रेपचेज मुकाबले का इंतजार करना होगा। लेकिन विनेश का हारना भारत की बड़ी हार है। भारत की तरफ से पदक की प्रबल दावेदार विनेश फोगाट 53 किग्रा भार वर्ग के पहले दौर में रियो ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली स्वीडन की सोफिया मैटसन को हराकर अंतिम आठ में जगह बनाई। विनेश के पास अब भी पदक जीतने का मौका है। अगर वेलारूस की पहलवान वानेसा फाइनल में पहुंचती हैं तो विनेश को रेपचेज में हिस्सा लेने का मौका मिलेगा।
इससे पहले विनेश ने अपने पहले मुकाबले में शानदार प्रदर्शन किया। भारत की इस 26 वर्षीया पहलवान ने स्वीडन की खिलाड़ी सोफिया को 7-1 से शिकस्त दी। विनेश ने साल 2019 में विश्व चैंपियनशिप के दौरान भी मैटसन को पटखनी दी थी।
मैच के दौरान मैटसन ने जब कभी विनेश के दाएं पैर पर हमला किया तो भारतीय पहलवान ने पलटवार करते हुए पॉइंट अर्जित किए। विनेश फोगाट ने पूरे मुकाबले के दौरान जोश और जज्बा बरकरार रखते हुए अपने प्रतिद्वंदी को चित करने का मौका भी बनाया।
वहीं भारत की एक अन्य पहलवान अंशु मलिक को 57 किग्रा भार वर्ग में रियो ओलंपिक की रजत पदक विजेता वेलेरिया कोब्लोवा ने रेपचेज मुकाबले में 5-1 से हराया। इस हार के बाद अंशु पदक की रेस से बाहर हो गईं।
00
पदक का सूखा खत्म, चार दशकों बाद आया मेडल
टोक्यो , । भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने टोक्यो ओलंपिक में जर्मनी को हरा कर 41 वर्षों बाद ओलंपिक कांस्य पदक जीत कर पदक का सूखा खत्म किया।
1980 के मॉस्को ओलंपिक खेलों के बाद यह भारत का पहला ओलंपिक हॉकी पदक है। वहीं यह ओलंपिक के इतिहास में भारत का तीसरा हॉकी कांस्य पदक है। अन्य दो कांस्य पदक 1968 मेक्सिको सिटी और 1972 म्यूनिख खेलों में आए थे। भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने ओवरऑल ओलंपिक में 12 पदक जीते हैं, जिसमें आठ स्वर्ण, एक रजत और तीन कांस्य पदक शामिल हैं।
मैच की बात करें तो दोनों टीमों ने अपनी ताकत के साथ हॉकी खेली। जर्मनी शुरुआत में भारत के मुकाबले थोड़ा हावी रहा। दूसरे मिनट में पहला गोल भी जर्मनी की तरफ से ही हुआ। मिडफील्डर ओरुज तिमूर ने शानदार गोल करते हुए टीम को 1-0 से बढ़त दिलाई। इसके बाद भारत ने एक गोल की तलाश में आक्रामकता दिखाई, लेकिन गोल नहीं हो पाया और पहला चर्टर 1-0 के स्कोर पर समाप्त हुआ।
00
)ओलंपिक (कुश्ती) : आज इतिहास रचने उतरेंगे रवि दहिया
टोक्यो , । भारत के पहलवान रवि कुमार दहिया आज इतिहास रचने उतरेंगे। रवि ने सेमीफाइनल में कजाक पहलवान के खिलाफ जिस तरह का खेल दिखाया, उससे लगता है कि वह भारत के लिए कुश्ती में स्वर्ण जीतने वाला पहला पहलवान बनकर भारतीय खेल जगत में हमेशा-हमेशा के लिए अमर हो जाना चाहेंगे।
पुरुष फ्रीस्टाइल के 57 किग्रा भार वर्ग के सेमीफाइनल मुकाबले में पीछे चल रहे होने के बावजूद कजाखस्तान के नूरइस्लाम सनायेव को हराकर फाइनल में प्रवेश करने के साथ ही रवि ने वैसे तो अपने और देश के लिए रजत पदक पक्का कर लिया है लेकिन उनका इरादा यहीं रुकने का नहीं होगा।
कुश्ती में लंदन ओलंपिक में सुशील कुमार रजत पदक जीत चुके हैं। रवि इससे भी आगे जाना चाहेंगे लेकिन इसके लिए उन्हें फाइनल में रूस के जायूर उगयेव की चुनौती को समाप्त करनी होगी।
वैसे रवि के लिए यह मुकाबला आसान नहीं होगा क्योंकि उगयेव दो बार के विश्व चैम्पियन (2018, 2019) हैं और जो यह मानते हैं कि सफलता 99 फीसदी मेहनत और एक फीसदी टैलेंट पर आश्रित होती है।
जिस साल (2019) में उगयेव ने नूर सुल्तान में विश्व चैम्पियनशिप का सोना जीता था, उसी साल रवि ने इसी वर्ग में कांस्य जीता था। वह मौजूदा एशियाई चैम्पियन (2020, 2021) और यू23 विश्व चैम्पियनशिप (2018) के रज पदक विजेता हैं।
00
)ओलंपिक (तैराकी मैराथन) : जर्मनी के फ्लोरियन वेलब्रोक बने चैम्पियन
टोक्यो , । टोक्यो ओलंपिक में पुरुषों के 10 किलोमीटर मैराथन स्विमिंग स्पर्धा का स्वर्ण पदक जर्मनी के फ्लोलियन वेलब्रोक के खाते में गया है। सात लैप की इस स्पर्धा में 1500 मीटर फ्रीस्टाइल के कांस्य पदक विजेता जर्मनी के वेलब्रोक ने 1.48.33.7 घंटे का समय लेकर स्वर्ण पदक हासिल किया। वहीं हंगरी के क्रिस्टोफर रासोवस्की ने 1:48:59.0 घंटे का समय निकाला और दूसरे स्थान पर रहते हुए रजत पदक अपने नाम किया।
इटली के जार्जियो पाल्टीनिएरी ने 1.49.01.1 घंटे का समय निकाला और कांस्य पर कब्जा जमाया। रियो 2016 के चैंपियन नीदरलैंड्स के फेरी वेटरमैन सातवें स्थान पर रहे।
1. फ्लोरियन वेलब्रोक (जमनी) – 1.48.33.7
2. क्रिस्टोफर रासोवस्की (हंगरी) – 1.48.59.0
3. जार्जियो पाल्टीनिएरी (एटली) – 1.49.01.1
00
)विनेश फोगाट महिला फ्रीस्टाइल 53 किग्रा वर्ग के चर्टर फाइनल में हारीं
टोक्यो , । विश्व नंबर एक भारतीय पहलवान विनेश फोगाट को महिला फ्रीस्टाइल 53 किग्रा कुश्ती के चर्टर फाइनल में बुल्गारिया की वेनेसा कलाडजिंस्काया से हार गईं।
बुल्गारियन पहलवान ने शुरू से ही मुकाबले में आक्रामकता दिखाई और शुरुआत में ही 2-0 की बढ़त ले ली। विनेश ने हालांकि वापसी करते हुए दो अंक लिए, लेकिन अंत में वेनेसा ने विनेश को पस्त करके मुकाबला जीत लिया। विनेश के पास अब रेपचेज राउंड में पहुंचकर कांस्य पदक जीतने का मौका है, बशर्ते वेनेसा फाइनल राउंड में पहुंचे।
विनेश ने इससे पहले आज सुबह प्री चर्टर फाइनल मुकाबले में रियो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता स्वीडन की सोफिया मैट्ससन को 7-1 से हराया था। उनके अलावा अंशु मलिक आज महिला फ्रीस्टाइन 57 किग्रा वर्ग के रेपेचेज राउंड में हार कर भारत को कांस्य पदक दिलाने में विफल रहीं।
00
)ओलंपिक (कुश्ती) : रेपेचेज-1 में हार के साथ अंशु पदक की दौड़ से बाहर
टोक्यो , । भारत की महिला पहलवान अंशु मलिक अब कांस्य पदक की दौड़ से बाहर हो गई हैं। 57 किलोग्राम वर्ग के रेपेचेज राउंड-1 में गुरुवार को अंशु को रूस की वेलेरिया कोब्लोवा से 1-5 से हार मिली। अंशु के पास अपने दोनों रेपेचेज मैच जीतकर कांस्य जीतने का मौका था। प्री-चर्टर फाइनल मुकाबले में अंशु, इरीना कुराचकिना से हार गई थीं। इरीना अब फाइनल में पहुंच गईं और इसीलिए अंशु को रेपेचेज खेलने का मौका मिला था।
ओलंपिक में कुश्ती प्रतियोगिता के नियमों के अनुसार, अंतिम फाइनलिस्ट के खिलाफ हारने वालों को कांस्य पदक के लिए हारने वाले सेमीफाइनलिस्ट के खिलाफ आपस में लडऩे का मौका मिलता है।
प्री-चर्टर फाइनल में बेलारूसी इरीना ने अंशु को हराया, जबकि चर्टर फाइनल में उन्होंने रूसी ओलंपिक समिति (आरओसी) की वेलेरिया कोब्लोवा को हराया। इसके बाद उन्होंने सेमीफाइनल में बुल्गारिया की एवेलिना निकोलोवा को हराया।
फाइनल में उनके प्रवेश से अंशु और वेलेरिया दोनों को कांस्य पदक के लिए सेमीफाइनलिस्ट एवेलिना को हराने का मौका मिला था लेकिन अंशु, वेलेरिया के खिलाफ अपना पहला ही मैच 1-5 से हार गईं। अब एवेलिना और वेलेरिया कांस्य की दौड़ में आ गई हैं।
00
)जर्मन तैराक फ्लोरियन वेलब्रॉक ने पुरुषों की मैराथन तैराकी में जीता स्वर्ण
टोक्यो , । जर्मनी के तैराक फ्लोरियन वेलब्रॉक ने टोक्यो ओलंपिक खेलों में एक घंटे 48 मिनट 33.7 सेकेंड के समय के साथ पुरुषों की मैराथन तैराकी में स्वर्ण पदक जीता।
वेलब्रॉक ओलंपिक खेलों में अपना दूसरा पदक हासिल करने के लिए 10 किमी की इस दौड़ में अधिकतर समय सबसे आगे रहे और अंत में जीत हासिल करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। हंगरी के क्रिस्टोफ रासोवस्की ने रजत पदक हासिल किया, जबकि तीसरे स्थान पर रहे इटली के ग्रेगोरियो पाल्ट्रिनिएरी ने कांस्य पदक जीता जो उनका टोक्यो ओलंपिक में दूसरा पदक है। वह इससे पहले 800 मीटर फ्रीस्टाइल में रजत पदक जीत चुके हैं। वहीं वेलब्रॉक ने भी रविवार को 1500 मीटर फ्रीस्टाइल में कांस्य पदक जीता था।
00
)ओलंपिक (कुश्ती) : क्वार्टर फाइनल में हारीं विनेश
टोक्यो , । भारत की दिग्गज महिला पहलवान विनेश फोगाट फ्रीस्टाइल कुश्ती के 53 किग्रा भार वर्ग के चर्टर फाइनल में हार गईं हैं। माकुहारी मेसे हॉल एक के मैट-बी पर हुए चर्टर फाइनल मैच में विनेश को दो बार की विश्व चैम्पियन बेलारूस वेनेसा कालाजिंसकाया ने 9-3 से से हराया।
इससे पहले, विनेश ने राउंड ऑफ-8 मुकाबले में विनेश ने स्वीडन की सोफिया मैगडालेना मैटसन को 7-1 से हराया। वेनेसा अगर फाइनल में पहुंच गईं तो विनेश को रेपेचेज खेलने का मौका मिलेगा और वह रेपेचेज के दो मैच जीतकर कांस्य जीत सकती हैं।
भारत रियो में पहले ही पुरुष कुश्ती में एक रजत पक्का कर चुका है। रवि दहिया फाइनल में पहुंच चुके हैं। महिला वर्ग में हालांकि अंशु गुरुवार को ही अपना रेपेचेज-1 मुकाबला हार गईं। इस तरह उनके हाथ से कांस्य जीतने का मौका निकल गया।
00
ऑस्ट्रेलिया को पांच विकेट से हरा कर बंगलादेश ने बनाई 2-0 की मजबूत बढ़त
ढाका ,। तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान (4/23) की शानदार गेंदबाजी और अफिफ हुसैन (37) और नुरुल हसन (22) की नाबाद अर्धशतकीय साझेदारी की बदौलत बंगलादेश ने यहां बुधवार को दूसरे टी-20 मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया को पांच विकेट से मात देकर पांच मैचों की इस सीरीज में 2-0 की मजबूज बढ़त बना ली।
टॉस जीत कर पहले बल्लेबाजी करने उतरी मेहमान टीम ऑस्ट्रेलिया बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर पाई। उसने 20 ओवर में सात विकेट खो कर 121 रन सम्मानजनक का स्कोर बनाया जो जीत के लिए पर्याप्त साबित नहीं हुआ, क्योंकि मेजबान टीम ने 18.4 ओवर में पांच विकेट हाथ में रहते हुए 123 रन बना कर मैच जीत लिया और सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली।
ऑस्ट्रेलिया ने बेशक 12वें ओवर तक मैच पर पकड़ बनाए रखी। इस समय बंगलादेश का स्कोर पांच विकेट पर 67 रन था। आधी टीम के पवेलियन लौट जाने के बाद युवा खिलाड़ी अफिफ और नुरुल क्रीज पर थे। यहां एक और विकेट मिलना ऑस्ट्रेलिया को जीत दिला सकता था, लेकिन दोनों बल्लेबाजों ने धैर्य दिखाया और क्रीज पर पैर जमाए। आक्रामक तरीके से खेलने के बजाय दोनों बल्लेबाजों ने सूझ-बूझ वाली पारी खेली और नाबाद रहते हुए टीम को जीत दिलाई। अफिफ ने जहां पांच चौकों और एक छक्के की मदद से 31 गेंदों पर 37, जबकि नुरुल ने तीन चौकों के सहारे 21 गेंदों पर 22 रन बनाए। मुस्तफिजुर ने गेंदबाजी में अच्छा प्रदर्शन किया। अपने चार ओवरों में उन्होंने 23 देकर तीन बड़े विकेट लिए। शोरफुल इस्लाम ने भी दो विकेट लिए।
ऑस्ट्रेलिया की तरफ से गेंदबाजी में मिचेल मार्श को छोड़ कर सभी गेंदबाजों को सफलता मिली। मिचेल स्टार्क, जोश हेजलवुड, एश्टन एगर, एडम जैम्पा और एंड्रयू टाय को एक-एक विकेट मिला। वहीं बल्लेबाजी में केवल मिचेल मार्श और मोईसिस हेनरिक्स का बल्ला बोला। मार्श ने पांच चौकों की मदद से 42 गेंदों पर 45 और हेनरिक्स ने तीन चौकों और एक छक्के के सहारे 25 गेंदों पर 30 रन बनाए। अफिफ हुसैन को मैच विजयी पारी खेलने के लिए ‘ प्लेयर ऑफ द मैच Ó चुना गया।
00
)प्रो कबड्डी लीग वापसी को तैयार, सीजन-8 के लिए खिलाडिय़ों की नीलामी 29 से 31 अगस्त तक
मुम्बई , । वीवो प्रो कबड्डी लीग की वापसी के लिए मंच तैयार हो गया है। सीजन 8 के लिए खिलाडिय़ों की नीलामी 29-31 अगस्त के लिए निर्धारित की गई है। लीग का आयोजक मशाल स्पोर्ट्स 12 फ्रेंचाइजी के साथ मुंबई में सीजन 8 के खिलाडिय़ों की नीलामी करेगा। पीकेएल 8 प्लेयर पूल के 500 से अधिक खिलाड़ी शामिल हैं। आयोजकों के मुताबिक प्रत्येक फ्रेंचाइजी के लिए वेतन पर्स 4.4 करोड़ रुपये है।
सीजन 8 प्लेयर ऑक्शन में घरेलू, विदेशी और नए युवा खिलाड़ी (एनवाईपी) चार श्रेणियों में विभाजित होंगे.
श्रेणी ए, बी, सी और डी। प्रत्येक श्रेणी के भीतर, खिलाडिय़ों को आगे ऑलराउंडर, डिफेंडर्स और रेडर्स के रूप में उप-विभाजित किया जाएगा।
प्रत्येक श्रेणी के लिए आधार मूल्य श्रेणी 30 लाख रुपये से 6 लाख रुपये है। सीजन 8 के लिए अपने दस्ते के लिए प्रत्येक फ्रैंचाइजी 4.4 करोड़ खर्च कर सकती है। पीकेएल सीजन-7 का आयोजन 2019 में किया गया था। कोरोना महामारी के कारण लीग का आयोजन 2020 में नहीं हो सका था।
00
)भारतीय पहलवान अंशु मलिक कांस्य लाने में असफल
टोक्यो , । युवा भारतीय पहलवान अंशु मलिक की महिला फ्रीस्टाइल 57 किग्रा भार वर्ग के रेपचेज राउंड में रूसी ओलंपिक समिति (आरओसी) की वेलेरिया कोब्लोवा से हारने के बाद टोक्यो ओलंपिक में भारत को एक और कांस्य पदक दिलाने की उम्मीद टूट गई।
वेलेरिया ने अंशु को 5-1 से मात दी। रूसी पहलवान ने मुकाबले की शुरुआत में ही 1 अंक लेकर अंशु पर दबाव बनाया, लेकिन भारत की इस युवा पहलवान ने जवाबी हमला बोला और एक अंक हासिल कर स्कोर को 1-1 से बराबर कर दिया, लेकिन मैच के अंत में वेलेरिया ने दांव दिखाए और सीधे चार अंक हासिल कर 5-1 से मुकाबला जीत लिया।
अंशु को इससे पहले बुधवार को प्री चर्टर फाइनल में भी हार का सामना करना पड़ा था। इस मुकाबले में उन्हें बुल्गारिया की इरियाना कुराचकिना ने 8-2 से हराया था और टोक्यो ओलंपिक के फाइनल में जगह पक्की की थी। उल्लेखनीय है कि भारत के लिए कुश्ती में रेपेचेज राउंड हमेशा से ही भाग्यशाली रहा है। ओलंपिक इतिहास में भारत को इसके जरिए अब तक तीन कांस्य पदक मिल चुके हैं, लेकिन दुर्भाग्यवश अंशु मलिक चौथा पदक हासिल करने में असफल रहीं।
00
)पहले दिन के खेल की समाप्ति तक भारत 21 पर शून्य
नॉटिंघम , । अनुभवी सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा और क्लास खिलाड़ी लोकेश राहुल की समझदारी वाली पारी की बदौलत भारत ने यहां बुधवार को इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट में पहले दिन शानदार शुरुआत करते हुए खेल की समाप्ति तक एक भी विकेट न गंवाते हुए 21 रन बनाए। भारतीय टीम इंग्लैंड से अभी 162 रन पीछे है।
दिन का खेल खत्म होने तक रोहित और राहुल दोनों नौ रन पर नाबाद रहे। इससे पहले इंग्लैंड ने दिन के तीसरे और आखिरी सत्र में अपने शेष छह विकेट महज 45 रन पर गंवा दिए। इंग्लैंड ने इस सत्र की शुरुआत चार विकेट पर 138 रन से की, लेकिन इस सत्र में लगातार एक के बाद एक विकेट गंवाते हुए इंग्लैंड की टीम 65.4 ओवरों में 183 रन पर ऑल आउट हो गई।
एक बार फिर कप्तान जो रुट बल्ले से अच्छे दिखे और उन्होंने इंग्लैंड के लिए सर्वाधिक 108 गेंदों में 64 रन बनाए।
भारत के लिए जसप्रीत बुमराह सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 46 रन देकर चार विकेट लिए, जबकि मोहम्मद शमी ने 28 रन पर तीन और शार्दुल ठाकुर ने 41 रन देकर दो महत्वपूर्ण विकेट लिए। मोहम्मद सिराज को भी एक विकेट मिला।
00
)कबड्डी को ओलंपिक खेल के रूप में मान्यता प्राप्त होते देखना अभी भी हमारा सपना है : अजय ठाकुर
जयपुर , । पद्मश्री और अर्जुन पुरस्कार विजेता 35 वर्षीय अजय ठाकुर ने स्पोर्ट्सटाइगर की विशेष इंटरव्यू सीरीज मिशन गोल्ड पर अपनी खेल यात्रा के बारे में बात करते हुए बताया कि वह अभी भी ओलंपिक में अपने देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए आशान्वित हैं।
भारतीय कबड्डी कप्तान खेल के माहौल में ही बड़े हुए और वह जानते थे कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने का अपने पिता के सपने को पूरा करना है।एक मध्यम वर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाले, अजय के लिए नौकरी करना एक जरूरत थी और एक नए मान्यता प्राप्त खेल के माध्यम से नौकरी हासिल करना उसके लिए बिल्कुल सही अवसर था। कबड्डी को मेरे जन्म से पहले ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल चुकी थी और मेरे पिताजी स्पोर्ट्स कल्चर के बारे में जानते थे। जैसा कि आप जिस स्तर पर खेलते हैं, उसके अनुसार नौकरी का कोटा तय किया गया था। हम एक मध्यम वर्गीय परिवार से ताल्लुक रखते थे और अच्छी और सुरक्षित नौकरी पाना हमारे लिए सपना था। अत: मैंने खेल कोटे से नौकरी पाने के लिए खेलना शुरू किया।
लेकिन उनकी यात्रा ने एक और मोड़ ले लिया, जिसमें उनका खेल के प्रति प्यार और जुनून उनके नौकरी पाने के सपने से आगे निकल गया। उन्होंने कहा, इस यात्रा के दौरान कबड्डी के लिए मेरा जुनून इतना बढ़ गया कि मैं सिर्फ खेल खेलना चाहता था। मुझे भारतीय सेना, ओएनजीसी और अन्य से नौकरी के प्रस्ताव मिले लेकिन मैंने उन्हें अस्वीकार कर दिया क्योंकि मैं कबड्डी में उस स्तर तक पहुंचना चाहता था जहां मैं अर्जुन पुरस्कार विजेता बन सकूं।
प्रो-कबड्डी लीग पहले सीजन से ही काफी हिट रही और 2016 कबड्डी विश्व कप विजेता प्रो- कबड्डी लीग की प्रशंसा करते हुए पीछे नहीं हटे क्योंकि इस लीग ने खेल के साथ-साथ खिलाडिय़ों को भी पहचान दिलाने में सहायता की है। इसके बारे में उन्होंने कहा कि, कबड्डी का जो मानक हम आज जानते हैं और जिन खिलाडिय़ों को आज दुनियाभर में पहचाना जाता है यह प्रो-कबड्डी लीग के कारण ही संभव हो पाया है । हम प्रो-कबड्डी लीग से पहले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी खेलते थे और लोग हमारे और खेल के बारे में पूरी तरह से अनजान थे लेकिन अब हम देश के किसी भी कोने में जाते हैं तो लोग हमें पहचान लेते हैं और यह लीग की वजह से है।
उन्होंने आगे कहा, प्रो-कबड्डी लीग के जरिए खिलाडिय़ों को कई मौके मिलते हैं। लेकिन पहले लोग कबड्डी को एक स्थानीय खेल के रूप में लेते थे, लेकिन अब लोग हमें प्रो-कबड्डी लीग में खेलने के लिए कहते हैं क्योंकि वे हमें इतने बड़े स्तर पर खेलते हुए देखना पसंद करते हैं और जानते हैं कि जो भी प्रो-कबड्डी लीग खेलता है वह एक शीर्ष श्रेणी का कबड्डी खिलाड़ी है।
लेकिन महामारी और सख्त लॉकडाउन ने खिलाडिय़ों के फिटनेस स्तर को प्रभावित किया, अजय ने अपना अनुभव साझा किया और कहा, जिम बंद होने से हमारी फिटनेस पर बहुत प्रभाव पड़ा, मैदान भी बंद थे और एक खिलाड़ी के लिए यह सबसे बड़ी समस्या थी। हमारा भोजन आमतौर पर बहुत भारी होता है और हममें से अधिकांश खिलाडिय़ों का वजन बढ़ गया। मैं अपनी पुलिस ड्यूटी पर था और इस दौरान में फ्रंट लाइन पर था, जिसे संभालना थोड़ा मुश्किल था। लेकिन अब हम धीरे-धीरे अपनी फॉर्म वापस पा रहे हैं और अपनी फिटनेस पर काम कर रहे हैं।
अब चूंकि खेल गतिविधियां धीरे-धीरे फिर से शुरू हो रही हैं, अजय का मानना है कि आने वाले दिनों में कबड्डी की भी वापसी होगी। 2014 के एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता ने कहा, कबड्डी में खिलाडिय़ों का एक-दूसरे से संपर्क होता है और इसलिए, संक्रमित होने की अधिक संभावना है। एसोसिएशन और प्रबंधन खिलाडिय़ों के साथ नियमित संपर्क में हैं, उनके फिटनेस स्तर की जांच कर रहे हैं और हाल ही में उन्होंने ऑनलाइन क्लासेज़ का भी आयोजन किया है। जैसे ही उन्हें पता चलेगा कि कोविड की स्थिति में सुधार हो रहा है, वे प्रतियोगिताओं को फिर से शुरू करेंगे। वे जानते हैं कि किस तरह खिलाड़ी अपने घरों में बोर हो रहे हैं और खिलाडिय़ों की फिटनेस में सुधार के लिए लगातार काम कर रहे हैं।
खेलों के फिर शुरू होने की बात करते हुए, अजय ने अपने दोस्त बजरंग पुनिया को अपना समर्थन दिया, जो टोक्यो 2020 ओलंपिक के अंतिम सप्ताह में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उन्होंने कहा, टोक्यो ओलंपिक में अपने देशों का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ी अपने खेल में सर्वश्रेष्ठ हैं और पूरा देश उनसे पदक की उम्मीद कर रहा है। मुझे बजरंग पुनिया से बहुत उम्मीदें हैं और वह निश्चित रूप से भारत के लिए स्वर्ण पदक लाएंगे। वह मेरे करीबी दोस्त हैं और हम लगातार संपर्क में हैं। मैंने उनके साथ कई शिविरों में भाग लिया है और उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण को देखने के बाद, मुझे विश्वास है कि वह स्वर्ण पदक जीतेंगे।
कबड्डी के लिए देश में प्यार बढ़ता जा रहा है क्योंकि यह खेल बचपन की यादों को ताज़ा करता है। अधिकांश लोगों ने अपने जीवन में कम से कम एक बार तो यह खेल खेला है। खेल में हर संभव प्रयास करने के बाद अजय कबड्डी को ओलिंपिक में देखना चाहते हैं। उन्होंने अंत में कहा कि, मुझे लगता है कि कबड्डी में पहले से ही राष्ट्रमंडल खेलों की तुलना में बड़ी प्रतियोगिताएं हैं। हम एशियाई खेलों में प्रतिस्पर्धा करते हैं और कबड्डी विश्व कप भी है, लेकिन कबड्डी को ओलंपिक खेल के रूप में मान्यता देना अभी भी हमारा सपना है। लेकिन कबड्डी जिस रफ्तार से बढ़ रही है, मुझे लगता है कि सपना बहुत जल्द पूरा होगा।
00
)महिला वेल्टरवेट के फाइनल में भिड़ेंगी बुसरेज सुरमेनेली और यु होंग
टोक्यो , । विश्व नंबर एक मुक्केबाज तुर्की की बुसरेज सुरमेनेली और चीन की गु होंग यहां बुधवार को अपने-अपने सेमीफाइनल मुकाबलों में जीत के बाद महिला वेल्टरवेट के फाइनल में पहुंच गईं।
बुसरेज ने जहां भारतीय मुक्केबाजी लवलीना बोरगोहेन को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराया तो वहीं होंग ने 4-1 के सर्वसम्मत फैसले से अमेरिका की जोन्स ओशे को हराया। दोनों मुक्केबाज अब शनिवार को फाइनल में एक-दूसरे से भिड़ेंगी।
00
)शाकिब, मुस्तफिजुर को आईपीएल के लिए एनओसी देने को तैयार बीसीबी
ढाका , । बंगलादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू श्रृंखला पुनर्निर्धारित होने के बाद अपने खिलाडिय़ों शाकिब अल हसन और मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल 2021 सत्र के शेष मैचों में भाग लेने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) देने को तैयार है।
बीसीबी ने इससे पहले एक बयान में कहा था कि वह शाकिब और मुस्तफिजुर को 2021 आईपीएल के शेष हिस्से में भाग लेने के लिए एनओसी देने को तैयार नहीं है, क्योंकि उन्हें उम्मीद है कि वह आगामी आईसीसी टी-20 विश्व कप की तैयारियों के लिए राष्ट्रीय टीम के साथ होंगे, लेकिन अब इंग्लैंड के बंगलादेश दौरे को मार्च 2023 तक स्थगित करने के ईसीबी और बीसीबी के निर्णय ने दोनों देशों के खिलाडिय़ों के लिए शेष आईपीएल में भाग लेने का रास्ता खोल दिया है। बीसीबी के क्रिकेट ऑपरेशन के अध्यक्ष अकरम खान ने मंगलवार को कहा, अगर खिलाड़ी आवेदन करते हैं और अगर हमारी कोई अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धता नहीं है तो वे जा सकते हैं और आईपीएल में हिस्सा ले सकते हैं। हमें इस संबंध में अभी तक उनसे कोई आधिकारिक पत्र प्राप्त नहीं हुआ है और यदि हमें पत्र मिलता है तो बोर्ड निर्णय लेगा। उल्लेखनीय है कि बंगलादेश को तीन एकदिवसीय और तीन टी-20 मैचों के लिए इंग्लैंड की मेजबानी करनी है।
