March 28, 2026

क्रिकेट की दुनिया के इस भारतीय सितारे को नौकरी की तलाश, दफ्तरों के चक्कर लगा-लगाकर हो रहा परेशान

 

क्रिकेट की दुनिया के इस भारतीय सितारे को नौकरी की तलाश, दफ्तरों के चक्कर लगा-लगाकर हो रहा परेशान
लखनऊ , । अपने प्रदर्शन से भारत को कई बार गौरवान्वित कर चुके भारतीय दिव्यांग क्रिकेट टीम के उपकप्तान लव वर्मा एक अदद नौकरी के लिये पिछले सात सालों से राजनेताओं और अधिकारियों के दफ्तर के चक्कर लगा रहे हैं। लव वर्मा ने 2015 में टी-20 दिव्यांग एशिया कप विजेता बनाने में प्रमुख भूमिका अदा की थी। श्रीलंका दौरे पर वह भारतीय टीम की जीत के नायक बने जिसके एवज में उन्हें मैन ऑफ दी सीरीज चुना गया। इसके अलावा बंगलादेश दौरे पर ट्राई सीरीज में लव के बेहतरीन प्रदर्शन से भारत संयुक्त विजेता बना था। लव की कप्तानी में भारतीय दिव्यांग क्रिकेट टीम ने 2019 में नेपाल के खिलाफ 131 रनों से जीत दर्ज की थी। इसी साल अप्रैल में दुबई के शारजाह में पहली बार दिव्यांग प्रीमियर लीग आयोजन हुआ जिसमें लव ने कोलकाता की टीम को उपविजेता बनाने में प्रमुख भूमिका निभाई। उन्हे स्वर्ण भारत राष्ट्रीय खेल रत्न, दिव्यांग रत्न, दिव्यांग खेल रत्न सोनभद्र खेल रत्न से सम्मानित किया जा चुका है।
सोनभद्र के अनपरा में जन्मे 29 साल के लव बुझे मन से कहते हैं कि खेल और खिलाडिय़ों के लिये समर्पित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के कार्यकाल में एक अदद नौकरी के लिये एडिय़ां घिसना स्वाभिमान को ठेस पहुंचाने वाला है लेकिन मजबूरी है क्योंकि पिता अनपरा तापीय परियोजना में कार्यरत थे जो पिछली 31 अगस्त को सेवानिवृत्त हो चुके है और अपने पैतृक जिले कुशीनगर लौट रहे हैं। पिता की सरपरस्ती में कम से कम यहां रहने का ठिकाना था जो अब वह भी नहीं रहेगा। दो वक्त की रोटी के लिये अब उनके सामने भीख मांगने के अलावा कोई दूसरा चारा नहीं है। उन्होने कहा कि वह हिन्दी से परास्नातक हैं, साथ ही ट्रिपल सी का सार्टिफिकेट है। दिव्यांग कोटे अथवा खिलाड़ी कोटे से वह सम्मानजनक नौकरी के हकदार है। इसके लिये वह स्थानीय विधायक और सांसद से लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक से गुहार लगा चुके है मगर आज तक उन्हे कोरे आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। स्पोर्टस कोटे के तहत दायें हाथ से 60 फीसदी विकलांगता के आधार उन्हे सामान्य खिलडियों के समान अधिकार मिलना चाहिए। वह खेलमंत्री उपेन्द्र तिवारी,बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी,अपना दल अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल के अलावा स्थानीय सांसद पकौड़ी लाल,सदर विधायक उपेन्द्र चौबे,ओबरा विधायक संतीव गौड़ से नौकरी के संबंध में गुहार लगा चुके है। श्रीमती पटेल ने हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर उन्हे न्याय दिलाने की मांग की थी। हालांकि मुख्यमंत्री से कई बार मिलने की कोशिश की मगर अब तक कामयाबी नहीं मिली है। सोनभद्र के तत्कालीन डीएम एस राजलिंगम ने उनके मामले में गंभीर रवैया अपनाते हुये सीडीओ को पत्र जारी किया था और सोनभद्र में स्थित अधिकतर कंपनियों से उनकी पैरवी की। अनपरा तापीय परियोजना की कार्रवाई करते हुये शक्ति भवन पत्र भेजा मगर कोई कार्रवाई नहीं हुयी। इससे पहले मायावती और अखिलेश सरकार ने विशेषाधिकार के तहत राष्ट्रीय स्तर के कई खिलाडियों को नौकरी उपलब्ध करायी मगर विकलांग खिलाडिय़ों के लिये कुछ नहीं किया। युवा क्रिकेटर ने कहा मान-सम्मान से रोजी रोटी नहीं चलती। हमने कभी भी पैसों की माँग कभी नहीं की। सिर्फ पेट पालने के लिए प्रदेश के किसी भी जिले के किसी भी विभाग में खेल/दिव्यांग कोटे के तहत रोजगार की मांग की जिससे कि रोजी रोटी भी चलती रहे, खेल पर भी ध्यान रहे और हम अपने देश के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते रहे । हमारा कसूर सिर्फ इतना ही है कि हम दिव्यांग है, क्या च्दिव्यांगज् शब्द से रोजी रोटी चलेगी।
लव ने कहा मेरा छोटा सा सवाल है कि यदि हम दिव्यांगों में इतनी प्रतिभा है तो फिर भी हमें सामान्य खिलाडिय़ों से नीचे क्यों रखा गया है। दिव्यांग क्रिकेट खिलाड़ी भी देश के लिए ही खेलते हैं। योगी सरकार ने ओलंपिक खिलाडिय़ों के सम्मान में लखनऊ में एक भव्य समारोह किया जिसमे प्रत्येक जिले से 75 खिलाडिय़ों को आमंत्रित किया गया। हमारे गुरुजन ने सदैव यही शिक्षा दी है कि सम्मान मांगा नहीं जाता है उसके लिए काबिल बनना पड़ता है। सम्मान के लिए ईमानदारी से मेहनत करनी होती है तब जाकर सम्मान प्राप्त होता है। सरकारें खिलाडिय़ों को च् एज् ग्रेड नौकरी दे रही है मगर मुझे सात वर्षों से सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है।
दिव्यांग क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ऑफ इंडिया के सीईओ गज़़ल खान और महासचिव हारून राशीद ने बताया कि लव वर्मा एक होनहार क्रिकेटर है जिसने कई मौकों पर देश का मान सम्मान बढाया है। उसे उसका बाजिव हक मिलना ही चाहिये। मुख्यमंत्री को इस दिव्यांग क्रिकेट खिलाड़ी को भी उसका अधिकार देना चाहिए। मुख्यमंत्री इस दिव्यांग क्रिकेटर को रोजगार दे देंगे तो उसे पेट भरने के लिए कहीं भटकना नहीं पड़ेगा और अपना सर्वश्रेष्ठ खेल का प्रदर्शन करके भारत का नाम बुलंदियों पर ले जाता रहेगा ।
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)कुरुक्षेत्र में होंगी राष्ट्रीय स्तर की वॉलीबॉल और हॉकी प्रतियोगिताएं
चंडीगढ़ , । अखिल भारतीय सिविल सेवा की ओर से 2020-21 सत्र के लिए कुरुक्षेत्र जिले में राष्ट्रीय स्तर की वॉलीबॉल तथा हॉकी प्रतियोगिता और भिवानी जिले में कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा।
हरियाणा के खेल एवं युवा मामले विभाग के प्रवक्ता ने इस संबंध में जानकारी दी कि अखिल भारतीय सिविल सेवा वॉलीबॉल (महिला/पुरुष) प्रतियोगिता कुरुक्षेत्र के द्रोणाचार्य स्टेडियम में 20 से 24 सितंबर तक, शाहाबाद मार्कंडा के मार्कंडेश्वर हॉकी स्टेडियम में 23 से 30 सितंबर तक हॉकी (महिला/पुरुष) प्रतियोगिता और भिवानी के भीम स्टेडियम में 18 से 20 सितंबर तक कबड्डी प्रतियोगिता (महिला/पुरुष) का आयोजन किया जाएगा।
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)सचिन सर के साथ सत्र ने मेरे खेल में मदद की है : यशस्वी जायसवाल
दुबई , । राजस्थान रॉयल्स के युवा बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने कहा है कि पिछले कुछ हफ्तों में महान क्रिकेट लीजेंड सचिन तेंदुलकर के साथ हुए सत्र ने उन्हें उनके खेल में सुधार करने में काफी मदद की है।
19 वर्षीय सलामी बल्लेबाज ने कहा कि वह भाग्यशाली थे कि उन्होंने हाल ही में ओमान के खिलाफ मुंबई टीम का प्रतिनिधित्व करने के लिए रवान होने से पहले अपने आइडल (आदर्श) सचिन तेंदुलकर के साथ बातचीत की।
यशस्वी ने यूएई में शेष आईपीएल 2021 सत्र शुरू होने से पहले राजस्थान रॉयल्स की टीम में शामिल होने के बाद खुशी व्यक्त करते हुए कहा, मेरे आदर्श हमेशा सचिन तेंदुलकर रहे हैं और मैं सच में भाग्यशाली था कि ओमान दौरे से पहले उनसे बातचीत हुई। मुझे खुशी है कि ओमान के खिलाफ खेलने के लिए मुंबई से रवाना होने से पहले मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन ने उन्हें एक सत्र के लिए आमंत्रित किया।
उन्होंने कहा,  मैं खुशी से झूम उठा जब मैंने पहली बार सुना कि सचिन सर इस सत्र में उपस्थित होने वाले हैं और तब मुझे उनसे लंबी बात करने का मौका मिला। उन्होंने मुझे काफी कुछ बताया जहां मैं सुधार कर सकता हूं। यह देखकर अच्छा लगा कि उनके जैसे दिग्गज को मेरे खेल के बारे में पता था और यह निश्चित रूप से मेरे लिए बहुत खुशी का पल था। मैं अपने खेल में उन चीजों को लागू करने और मैदान पर खुद के लिए बेहतर तरीके से काम करने के लिए इंतजार नहीं कर सकता।
यशस्वी ने अपने प्रदर्शन पर कहा कि वह काफी खुश हैं कि उन्हें क्रिकेट खेलने का मौका मिला। उन्होंने कहा,  ओमान के खिलाफ खेलना मेरे लिए आईपीएल के आने वाले मैचों के लिए एक अभ्यास की तरह था। काफी समय बाद मैंने प्रतिस्पर्धी क्रिकेट खेला और वह भी ओमान के साथ जो कि एक अंतरराष्ट्रीय टीम है। मुझे खुशी है कि मैंने टीम के लिए रन बनाए और मैच भी जीते।
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)थम्स अप ने जसप्रीत बुमराह के साथ साझेदारी की
नयी दिल्ली , । कोका-कोला इंडिया के घरेलू ब्रांड थम्स अप ने एक्सक्लूसिव नॉन-अल्कोहलिक बेवरेज भागीदार के रूप में आईसीसी (अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद) के साथ भागीदारी की है। टोक्यो ओलंपिक्स और पैरालिंपिक गेम्स 2020 में प्तपलटदे और प्ततानेपलटदे कैम्पेन के साथ असली साहस का जश्न मनाने के बाद, थम्स अप ने आईसीसी मेंस टी-20 विश्व कप और भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह के साथ भागीदारी के माध्यम से ताकत, लचीलेपन और वीरता की कहानियां सुनाना जारी रखा है। आईसीसी मेंस टी-20 विश्व कप 2021 का आयोजन 17 अक्टूबर से 14 नवंबर के बीच संयुक्त अरब अमीरात और ओमान में किया जाएगा।
कोका-कोला कंपनी का दुनिया भर में प्रमुख खेल आयोजनों को प्रायोजित करने का एक लंबा इतिहास रहा है। कोका-कोला कंपनी का ओलंपिक के साथ आठ दशकों, फीफा के साथ चार दशकों और विश्व कप रग्बी के साथ लगभग 25 सालों का जुड़ाव रहा है। खेल आयोजनों के साथ ये सहयोग कंपनी के अपने उपभोक्ताओं के खुशी के क्षणों और अवसरों का हिस्सा बनने के प्रयासों की फिलॉसफी को भी दर्शाते हैं।
इस साझेदारी की घोषणा करते हुए कोका-कोला इंडिया और साउथ वेस्ट एशिया के वाइस प्रेसिडेंट और मार्केटिंग हेड अर्नब रॉय ने कहा, ‘Óक्रिकेट एक साझा जुनून है और य़ह जेंडर, पीढिय़ों और संस्कृतियों से परे एक अरब से अधिक भारतीय प्रशंसकों को जोडऩे वाला सबसे लोकप्रिय खेल है। वैश्विक खेल आयोजनों के साथ साझेदारी का हमारा इतिहास और टोक्यो ओलंपिक्स व पैरालिंपिक 2020 के साथ हमारे जुड़ाव के मुताबिक आईसीसी के साथ हमारी रणनीतिक साझेदारी दर्शकों को खुश करने और उनके मनोरंजन के अनुभवों को बेहतर बनाने की हमारी प्रतिबद्धता को पुष्ट करती है। ब्रांड ने इस तरह के प्रतिष्ठित खेल आयोजनों में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए हमारे खिलाडिय़ों की कड़ी मेहनत, दृढ़ संकल्प और कई चुनौतियों पर जीत हासिल करने के लिए उन्हें सम्मान देना जारी रखा है। हमें दुनिया के सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाजों में से एक जसप्रीत बुमराह का थम्स अप परिवार में स्वागत करते हुए गर्व हो रहा है। उनका संघर्ष और जीवन यात्रा ब्रांड की भावना का प्रतीक है और इसकी गूंज दुनिया भर के खेल प्रशंसकों के साथ प्रतिध्वनित होगी।
भारत में सबसे तेजी से 100 विकेट पूरे करने वाले तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने इस करार पर कहा , मैं थम्स अप के साथ जुड़कर वाकई में बहुत खुश हूं। मुझे प्रसन्नता है कि उन्होंने खिलाडिय़ों को उनकी यात्रा साझा करने और देश को उनकी उपलब्धियों का जश्न मनाने और उनकी भावना को और ऊपर उठाने का मौका देने के लिए एक मंच मुहैया कराया। यह ब्रांड वैश्विक खेल आयोजनों से जुडऩे और वास्तविक लोगों व खिलाडिय़ों की ताकत और वीरता को सलाम करने पर केंद्रित है। मेरा मानना है कि यह एक आदर्श साझेदारी है जो क्रिकेट प्रशंसकों के साथ स्वाभाविक जुड़ाव लाती है और विभिन्न पृष्ठभूमि से आने वाले खिलाडिय़ों के लचीलेपन और कड़ी मेहनत को प्रदर्शित करती है, जो वे अपनी चुनौतियों से पार पाने और हमारे देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए करते हैं।
इस अभियान के माध्यम से थम्स अप का उद्देश्य जसप्रीत बुमराह की कठिन यात्रा को प्रदर्शित करना है, जो सभी बाधाओं और अवांछनीय विचारों के खिलाफ प्रतिबद्ध रहते हुए दुनिया के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों में से एक बनकर उभरे। इस अभियान में एक ऐसा ही वीडियो भी दिखाया गया है जिसमें भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज की कहानी दिखाई गई है। इसमें दर्शकों को आईसीसी मेंस टी-20 विश्व कप से जोड़े रखने के लिए डिजिटल और सोशल मीडिया के लिए वीडियो और संबंधित दृश्यों की एक श्रृंखला शामिल है। यह अभियान दर्शकों को जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज से मिलने के साथ-साथ अन्य रोमांचक पुरस्कार जीतने का मौका भी देगा। वीडियो कैंपेन प्रभावी रूप से थम्स अप के ‘असली साहस’ के ब्रांड संदेश और प्रेरक टैगलाइन, ‘अपनी पेस से, इंडिया का गेम प्तपलटदेÓ, की पृष्ठभूमि में लचीलेपन और ताकत के अनुरूप है।
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)श्रीलंका ने दक्षिण अफ्रीका से 2-1 से जीती सीरीज
कोलम्बो , । श्रीलंका ने दक्षिण अफ्रीका को तीसरे और आखिरी वनडे में 78 रन के बड़े अंतर से हराकर तीन मैचों की वनडे सीरीज 2-1 से जीत ली।
श्रीलंका ने चरित असालंका के 47, धनंजय डिसिल्वा के 31 और दुष्मंत चमीरा के 29 रनों की बदौलत 50 ओवर में नौ विकेट पर 203 रन बनाये और इसके बाद शानदार गेंदबाजी करते हुए दक्षिण अफ्रीका को 30 ओवर में 125 रन पर निपटा दिया। मेहमान टीम के लिए विकेटकीपर हेनरिक क्लासेन ने सर्वाधिक 22 रन बनाये। श्रीलंका की तरफ से पदार्पण मैच खेल रहे 21 वर्षीय ऑफ स्पिनर महीश तीक्षणा ने 10 ओवर में 37 रन देकर चार विकेट निकाले।
दुष्मंत चमीरा ने दो विकेट लिए और अपने हरफनमौला प्रदर्शन की बदौलत प्लेयर ऑफ द मैच बने। असालंका को प्लेयर ऑफ द सीरीज का पुरस्कार मिला। श्रीलंका ने पिछले 18 महीनों में अपनी यह पहली वनडे सीरीज जीती है।
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4 घंटे लेट हुई ट्रेन, यात्री को हुआ भारी नुक्सान
0- सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय रेलवे पर लगा दिया जुर्माना
नई दिल्ली , । सुप्रीम कोर्ट ने ट्रेनों के देरी से चलने के लिए भारतीय रेलवे को फटकार लगाई है और साथ ही ट्रेन के लेट होने के एक मामले में रेलवे को 30 हजार रुपए का मुआवजा देने का निर्देश दिया है। दरअसल, एक व्यक्ति की फ्लाइट ट्रेन के लेट होने की वजह से छूट गई थी, जिसके बाद उन्हें काफी नुकसान हुआ था। इस घटना के बाद व्यक्ति ने जिला कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई और कोर्ट का फैसला उनके हक में आया। कोर्ट के इस फैसले को राज्य और उपभोक्ता कोर्ट ने भी सही ठहराया। इसके बाद रेलवे ने मामले को सुप्रिम कोर्ट में चुनौती दी थी, जहां कोर्ट ने पीडि़त व्यक्ति के हक में फैसला सुनाते हुए रेलवे को 30 हजार रुपए का मुआवजा देने का निर्देश दिया है।
न्यायमूर्ति एमआर शाह और न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस की पीठ ने कहा कि अगर रेलवे यह समझाने में विफल रहता है कि ट्रेन क्यों लेट हुई है, तो यात्रियों को मुआवजा देने के लिए उत्तरदायी होगा। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने इस बात को ध्यान में रखा कि यात्रियों का समय कीमती है और ट्रेन की देरी के लिए किसी न किसी को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि ये प्रतिस्पर्धा और जवाबदेही का समय है. अगर सार्वजनिक परिवहन को प्रतिस्पर्धा में बने रहना है और प्राइवेट कंपनियों से प्रतिस्पर्धा करना है, तो उन्हें सिस्टम और काम के तरीके में सुधार करना होगा। कोई भी व्यक्ति या यात्री अधिकारियों या प्रशासन की दया पर आश्रित नहीं रह सकता। किसी को तो जिम्मेदारी लेनी होगी। दरअसल ये पूरा मामला 11 जून, 2016 का है, जब शिकायतकर्ता संजय शुक्ला अपने परिवार के साथ अजमेर-जम्मू एक्सप्रेस से जम्मू पहुंचे, लेकिन उनकी ट्रेन सुबह 8.10 बजे जम्मू पहुंचने की बजाय दोपहर करीब 12 बजे वहां पहुंची और शुक्ला परिवार को श्रीनगर के लिए 12 बजे की फ्लाइट पकडऩी थी, लेकिन ट्रेन की लेट-लतीफी के कारण उनकी फ्लाइट छूट गई। इसके बाद संजय शुक्ला ने 15 हजार रुपए की टैक्सी बुक की और श्रीनगर पहुंचे। साथ ही समय पर नहीं पहुंचने के कारण वो उस होटल में भी नहीं ठहर सके जहां उन्होंने पहले से बुक किया था। वहीं, उन्हें ठहरने के लिए अलग से 10 हजार रुपए और चुकाने पड़े। एडिश्नल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने रेलवे की तरफ से नियमों को आधार बनाते हुए कोर्ट से कहा कि इंडियन रेलवे कॉन्फ्रेंस एसोसिएशन कोचिंग टैरिफ नंबर 26 पार्ट- ढ्ढ (वॉल्यूम- ढ्ढ) के नियम 114 और नियम 115 के मद्देनजर, ट्रेन लेट होने पर मुआवजे का भुगतान करने के लिए रेलवे की कोई जिम्मेदारी स्थापित नहीं है, लेकिन सुप्रिम कोर्ट की पीठ ने उनकी दलील को खारिज करते हुए रेलवे पर संजय शुक्ला को 9 प्रतिशत सालाना ब्याज के साथ 30,000 रुपए का मुआवजा देने का निर्देश दिया।