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November 9, 2026

हमें खुद में सुधार करना होगा : पंत

इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स (पीआईएस) द्वारा चयन ट्रायल पर तुरंत प्रतिबंध लगाया जाए : संधू
जालंधर ।  पंजाब खेल विभाग द्वारा स्थापित पंजाब इंस्टिट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स (पीआईएस) में वित्तीय घोटालों का तो हर दिन खुलासा हो रहा है, लेकिन पीआईएस अब एक साजिश के तहत खेल विभाग को कैसे कमजोर कर रही है का नया मामला सामने आया है।
पंजाब इंस्टिट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स (पीआईएस) की साजिश का खुलासा करते हुए चर्चित स्पोर्ट्स व्हिसलब्लोअर और पूर्व एडीसी लुधियाना इकबाल सिंह संधू ने कहा कि असल में ओलंपियन से राजनेता बने पूर्व मंत्री परगट सिंह और वित्तीय घोटालों के दोषी पाए गए सुखवीर सिंह ग्रेवाल, जो खेल माफिया सरगना तौर पर चर्चित हैं, को चन्नी सरकार के 111 दिनों के शासन दौरान निदेशक (प्रशिक्षण) पीआईएस, पंजाब के रूप में फिर से नियुक्त किया गया। उन्होने कहा कि खेल संस्थान (पीआईएस) की स्थापना करना वास्तव में उन दोनों के दिमाग की उपज थी, इसलिए पंजाब खेल विभाग, जो खेल के क्षेत्र में हमेशा सबसे आगे रहा, अब मीठा जहर देकर लाचार और कमजोर बनाया जा रहा । पीआईएस के निदेशक (प्रशिक्षण) सुखवीर सिंह ग्रेवाल द्वारा पीआईएस के खिलाडिय़ों के लिए चयन ट्रायल, पंजाब खेल विभाग से पहले आयोजित करने की एक गुप्त योजना का हिस्सा हैं।
संधू ने बताया कि पंजाब खेल विभाग द्वारा पंजाब खेल संस्थान (पीआईएस) से खिलाडिय़ों के चयन के लिए चयन ट्रायल आयोजित किए बिना अपनी खेल शाखाएं और केंद्र चला रहा है। ट्रायल की तारीखों की घोषणा कर दी गई है। उन्होने कहा कि पंजाब खेल विभाग के कोचों ने नाम न छापने की शर्त पर इस साजिश पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि असलियत में पंजाब खेल संस्थान (पीआईएस) द्वारा चलाए जा आपने केंद्रों / विंगों / अकादमियोंक के चयन ट्रायल एक साजिश के तहत पंजाब खेल विभाग द्वारा चलाए जा रहे खेल विंग और केंद्रों का एक मात्र लक्ष्य पहले ही पूरे पंजाब के सर्वश्रेष्ठ खिलाडिय़ों का चयन कर लिया जाए तथा बचे खुचे खिलाडिय़ों को पंजाब खेल विभाग सौंपा जाए, जिनका ट्रायल बाद में हो।
संधू ने कहा कि वास्तव में पीआईएस की इस चाल के तहत पंजाब भर के खेल विभाग के बाकी केंद्रों के कोचों द्वारा तैयार किए सभी अच्छे खिलाडिय़ों को पीआईएस अपने पास ले जाता है, जहां उनके कोचों को ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती है क्योंकि उन्हें सबसे अच्छे खिलाड़ी मिलते हैं जबकि सबसे खराब खिलाड़ी साल के अंत में खेल विभाग के कोचों मिलते हैं। साल के अंत में बेस्ट परफार्मेंस केवल पीआईएस की आंकी जाती है।
इकबाल सिंह संधू ने पंजाब के मुख्यमंत्री, खेल मंत्री, सचिव (खेल) और निदेशक (खेल) से मांग की है कि पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स (पीआईएस) द्वारा चयन ट्रायल पर तुरंत प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए और पंजाब खेल विभाग के विंग / केंद्रों ट्रायल होने के बाद ही पीआईएस में आयोजित किए जाए तथा पीआईएस के निदेशक (प्रशिक्षण) सुखवीर सिंह ग्रेवाल रची गई इस साजिश को नाकाम किया जाना चाहिए।
0)दिल्ली ने किया निराश, गुजरात से मिली हार
पुणे । दिल्ली कैपिटल्स के बल्लेबाजों ने निराशाजनक प्रदर्शन किया जिसके कारण दिल्ली को गुजरात टाइटंस के हाथों आईपीएल मुकाबले में 14 रन से हार का सामना करना पड़ा।
गुजरात ने शुभमन गिल (84) की सर्वश्रेष्ठ पारी से 20 ओवर में छह विकेट पर 171 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर बनाया और शानदार गेंदबाजी के बूते दिल्ली को 9 विकेट पर 157 रन पर रोक दिया।
गुजरात के तेज गेंदबाजों लौकी फर्ग्युसन ने 28 रन पर चार और मोहम्मद शमी ने 30 रन पर दो विकेट लेकर दिल्ली की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। दिल्ली को इस तरह दो मैचों में पहली हार का सामना करना पड़ा जबकि गुजरात ने लगातार दूसरी जीत दर्ज की।
दिल्ली के लिए कप्तान ऋषभ पंत ने 29 गेंदों में सात चौकों की मदद से सर्वाधिक 43 रन बनाये जबकि अन्य बल्लेबाज आयाराम-गयाराम की तर्ज पर पवेलियन लौटते रहे। ललित यादव का 25 रन बनाकर नॉन स्ट्राइकर छोर पर रन आउट हो जाना दिल्ली के लिए निर्णायक रहा। रोवमैन पॉवेल ने 20 रन बनाये।
इससे पहले टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरे गुजरात ने पहले ओवर में मैथ्यू वेड का विकेट गंवाया लेकिन गिल ने इसके बाद पूरी जिम्मेदारी के साथ खेलते हुए स्कोर बोर्ड को चलायमान रखा। गिल ने आईपीएल में अपनी सर्वश्रेष्ठ पारी खेलते हुए 46 गेंदों पर छह चौकों और चार छक्कों की मदद से 84 रन बनाये।
गिल ने दूसरे विकेट के लिए विजय शंकर के साथ 42 रन और हार्दिक पांड्या के साथ तीसरे विकेट के लिए 59 रन जोड़े। विजय शंकर ने 13 और पांड्या ने 27 गेंदों पर 31 रन बनाये। गिल ने फिर डेविड मिलर के साथ चौथे विकेट के लिए 36 रन की साझेदारी की। मिलर 20 रन बनाकर नाबाद रहे। राहुल तेवतिया ने आठ गेंदों में 14 रन बनाये। दिल्ली की तरफ से मुस्तफिजुर रहमान ने 23 रन पर तीन विकेट और खलील अहमद ने 34 रन पर दो विकेट लिए।
0)हमें खुद में सुधार करना होगा : पंत
पुणे , । गुजरात टाइटंस से मिली 14 रन की हार के बाद दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान ऋषभ पंत ने कहा कि मुझे लगता है कि इस विकेट के मुताबिक उनका स्कोर बड़ा नहीं था। लेकिन हमें खुद में सुधार करना होगा।
पंत ने मैच के बाद कहा,हमने पावरप्ले में विकेट गंवाया और बाद में तीन विकेट गंवाए। हमें खुद में सुधार करना होगा। मौसम की परिस्थिति अहम होती है, हम मैच यह सोचकर नहीं खेल रहे हैं कि हम मुंबई में नहीं खेल रहे हैं। हम मैच पर ध्यान लगाना चाहते हैं, ओस दिमाग में नहीं थी। कोच रिकी पोंटिंग भी निराश हैं, हों भी क्यों ना, कोई हारना नहीं चाहता है।
विजेता टीम गुजरात के कप्तान हार्दिक पांड्या ने कहा, हम 180 से ज्यादा रन बनाना चाहते थे, लेकिन मैं जानता था कि हमारी गेंदबाजी ऐसी है कि हम विकेट ले सकते हैं। पंत की टीम के पास अच्छे बल्लेबाज थे, वहीं हमारी टीम में भी वरुण आरोन के साथ समस्या हुई और वह गेंदबाजी नहीं कर सके, लेकिन हमारे पास कई विकल्प थे। राहुल और विजय ने गेंदबाजी करने को नहीं कहा था, लेकिन जब उनसे कराई गई तो उन्होंने अच्छा किया। शुभमन गिल ने बहुत अच्छी बल्लेबाजी की और इसीलिए उन्हें जाना जाता है। उम्मीद है वह आगे भी ऐसा करेंगे।
प्लेयर ऑफ द मैच बने लॉकी फर्ग्युसन ने कहा,टीम के साथी ऐसे हैं कि मेरा काम और भी आसान हो गया। यह गेंदबाजी आक्रमण शानदार है। हार्दिक गेंदबाजी कर सकते हैं, राशिद हैं, शमी हैं और राहुल गेंदबाजी कर सकते हैं। हम दोनों ओर से दबाव बनाने में कामयाब रहे और उसका फायदा मुझे विकेट लेकर मिला। इस विकेट पर हार्ड लेंथ पर गेंदबाजी करने की जरूरत थी और उससे मुझे मदद मिली। हम दोनों ओर से दबाव बनाना चाहते थे और यही हमारा काम है। हार्दिक हमें आत्मविश्वास देते हैं और जब कप्तान आप पर विश्वास करते हैं तो आप खुद अच्छा करना चाहते हैं।
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(क्राइस्टचर्च)आस्टे्रलिया ने सातवीं बार जीता महिला वर्ल्ड कप का खिताब, इंग्लैंण्ड को 71 रन से दी मात
क्राइस्टचर्च ,03 अपै्रल । ऑस्ट्रेलिया की महिला टीम ने इंग्लैंड के खिलाफ विश्व कप 2022 के आखिरी मैच में 71 रन से जीत हासिल की। ऑस्ट्रेलिया ने रिकॉर्ड सातवीं बार महिला वल्र्ड कप अपने नाम किया है। इंग्लैंड ने 2017 में यह खिताब हासिल किया था, लेकिन इस फाइनल मुकाबले में वे ऑस्ट्रेलिया के सामने नहीं टिक पाई। ऑस्ट्रेलिया ने इस टूर्नामेंट में खेले सभी मैचों में जीत हासिल की थी। 357 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम की शुरुआत खराब रही और टीम को तीसरे ही ओवर में पहला झटका लगा। सेमीफाइनल में शतक लगाने वाली डेनियल वेट और टैमी ब्यूमोंटे का विकेट मेगल स्कट ने अपने ओवर में झटका। इसके बाद भी टीम के विकेट गिरते रहे और दूसरी छोर से निताली सिवर अपनी आक्रामक पारी को अंजाम देती रहीं। उन्होंने 90 गेंदों पर अपना शतक पूरा किया, लेकिन किसी बल्लेबाज ने उनके साथ लंबी साझेदारी नहीं निभाई। इंग्लैंड की पारी 44 ओवर में 285 रन पर सिमट गई। सिवर ने 148 रनों की रिकॉर्ड तोड़ पारी खेली। ऑस्ट्रेलिया के लिए लेग स्पिनर अलाना किंग और जानेसन ने सबसे ज्यादा 3-3 विकेट झटके।
ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए पांच विकेट खोकर 356 रन का विशाल स्कोर बनाया था। सलामी बल्लेबाज एलिसा हीली ने अपने आक्रामक बल्लेबाजी का बेहतरीन नजारा पेश करते हुए 170 रन की शतकीय पारी खेली। हीली को 41 रन पर जीवनदान मिला था जिसका उन्होंने भरपूर फायदा उठाया। उन्होंने अपनी पारी में 138 गेंदें में 26 चौके लगाए। यह पुरुष और महिला विश्व कप फाइनल में दूसरा बड़ा स्कोर है। आस्ट्रेलियाई पुरुष टीम ने विश्व कप 2003 के फाइनल में भारत के खिलाफ दो विकेट पर 359 रन बनाए थे।
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