भारतीय महिला कुश्ती टीम ने रचा इतिहास, विश्व कैडेट चैंपियनशिप में जीते 5 स्वर्ण
लिफ्टर बिंद्यारानी ने चांदी के साथ भारत को दिलाया चौथा पदक
बर्मिंघम । भारत की बिंद्यारानी देवी ने राष्ट्रमंडल खेल 2022 में देश के पदकों की संख्या चार करते हुए 55 किग्रा भार वर्ग में रजत जीता।
स्वर्णिम मीराबाई के 49 किग्रा में प्रथम स्थान हासिल करने के कुछ देर बाद ही 23 वर्षीय बिंद्यारानी ने 202 किलो भार उठाकर अपने वर्ग में दूसरा स्थान हासिल किया। उन्होंने सबसे पहले स्नैच में 86 किग्रा के निजी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ राष्ट्रीय रिकॉर्ड की बराबरी की, और फिर क्लीन एंड जर्क में 116 किग्रा उठाकर नया राष्ट्रीय और राष्ट्रमंडल रिकॉर्ड स्थापित किया।
बिंद्यारानी सिर्फ एक किलो के अंतर से स्वर्ण पदक से चूक गयीं जो नाइजीरिया की अदिजात अदेनिके ओलारिनोये के पास गया। ओलारिनोये ने 203 किग्रा (92 किग्रा + 111 किग्रा) भार उठाकर पहला स्थान हासिल किया।
मेज़बान इंग्लैंड की फ्रेयर मॉरो ने 198 किलो (89 किलो + 109 किलो) के साथ कांस्य पदक प्राप्त किया।
बिंद्यारानी ने जीत के बाद कहा, यह मेरा पहला राष्ट्रमंडल खेल है और मैं रजत पदक और खेलों के रिकॉर्ड को लेकर बहुत खुश हूं।
चानू की तरह बिंद्यारानी भी मणिपुर की रहने वाली हैं। उन्होंने 2019 राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप चैंपियनशिप में स्वर्ण जीता था जबकि 2021 संस्करण में रजत प्राप्त किया था।
उन्होंने कहा, मैं 2008 से 2012 तक ताइक्वांडो में थी मगर उसके बाद मैं भारोत्तोलन में स्थानांतरित हो गयी। मेरा कद छोटा था इसलिए मुझे शिफ्ट होना पड़ा। सभी ने कहा कि मेरी ऊंचाई भारोत्तोलन के लिए आदर्श है। इसलिए मैंने यह खेल चुना।
इससे पहले, मीराबाई चानू (स्वर्ण), संकेत सरगर (रजत) और गुरुराजा पुजारी (कांस्य) भारत को पदक दिला चुके हैं। भारत के चारों पदक भारोत्तोलन में ही आये हैं।
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)नाटकीय मुकाबले में मलेशिया से हारकर बाहर हुआ भारत
बर्मिंघम । भारतीय महिला टेबल टेनिस टीम को राष्ट्रमंडल खेल 2022 में नाटकीय क्वार्टरफाइनल मुकाबले में मलेशिया के हाथों हार मिला।
मलेशिया और भारत के बीच यह ड्रॉ आखिरी मैच के आखिरी गेम तक रोमांचक रहा, और अंतत: मलेशिया ने गोल्डकोस्ट 2018 राष्ट्रमंडल खेलों की चैंपियन टीम को 3-2 से मात दी।
भारत की क्वार्टरफाइनल में शुरुआत अच्छी नहीं रही और कैरेन लिन-एलिस चैंग की जोड़ी ने रीत टेनिसन-श्रीजा अकुला को 11-7, 11-6, 5-11, 11-6 से हराया। टेनिसन और अकुला ने पहले दो गेमों में कड़ी टक्कर के बावजूद हार मिलने के बाद तीसरे गेम में वापसी की, लेकिन चौथे गेम में उनकी हार के साथ भारत 1-0 से पीछड़ गया।
इसके बाद भारत की सबसे अनुभवी खिलाड़ी मनिका बत्रा पर टीम को ड्रॉ में वापसी कराने की जि़म्मेदारी थी और उन्होंने ऐसा किया भी। बत्रा ने मलेशिया की हो यिंग को पांच गेमों के मैच में 11-8, 11-5, 8-11, 9-11, 11-3 से मात दी। यिंग ने तीसरा और चौथा गेम जीतकर बत्रा पर दबाव डालना चाहा लेकिन बत्रा ने पांचवा गेम जीतकर भारत को ड्रॉ में 1-1 से बराबरी दिलायी।
इसके बाद श्रीजा अकुला ने एलिस चैंग को 11-6, 11-6, 11-9 के सीधे गेमों में हराकर भारत को 2-1 की बढ़त दिलायी, लेकिन चौथे मैच में मनिका बत्रा की कैरेन लिन के हाथों 6-11, 3-11, 9-11 की हार के बाद ड्रॉ 2-2 की बराबरी पर आ खड़ा हुआ।
राष्ट्रमंडल खेल 2022 में पहली बार भारतीय महिला टेबल टेनिस टीम का कोई ड्रॉ तीन मैचों से ज्यादा खेला गया था, और पांचवां मैच जीतकर राष्ट्रमंडल खेल 2018 की विजेता टीम को सेमीफाइनल में ले जाने की जिम्मेदारी रीत टेनिसन के ऊपर थी। रीत ने पहला गेम 12-10 से जीता, लेकिन दूसरा गेम 11-8 से हार गयीं। तीसरा गेम जहां 11-6 से रीत की तरफ़ गया, वहीं चौथे गेम में यिंग ने 11-9 से बाज़ी मारी और भारत-मलेशिया क्वार्टरफाइनल का निर्णायक मैच अपने निर्णायक गेम में चला गया। यह ड्रॉ अपनी हद तक खिंच चुका था और दोनों खिलाडिय़ों पर दबाव का अंबार था। ऐसे में रीत टेनिसन ने भरसक प्रयास किया और 4-8 से पिछडऩे के बाद उन्होंने वापसी भी की, लेकिन यिंग ने पांचवां गेम 11-9 से जीतकर अपनी टीम को सेमीफाइनल में पहुंचाया।
सीडब्लूजी 2022 : वेटलिफ्टिंग में भारत को मिला दूसरा पदक, गुरुराजा ने 269 केजी वजन उठाकर जीता कांस्य
बर्मिंघम ,31 जुलाई । भारत के गुरुराजा पुजारी ने राष्ट्रमंडल खेल 2022 में देश को दूसरा पदक दिलाते हुए 61 किग्रा भारोत्तोलन में कांस्य पदक हासिल किया।
गोल्डकोस्ट 2018 के रजत पदक विजेता गुरुराजा ने स्नैच में 118 किग्रा उठाने के बाद क्लीन एंड जर्क में अपने जीवन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 151 किग्रा के निशान को छुआ और उनका कुल स्कोर 269 किग्रा रहा।
भारतीय भारोत्तोलक अपने दूसरे प्रयास में 148 किग्रा उठाकर कनाडा के यूरी सिमार्ड (कुल 268) से पीछे चल रहे थे, लेकिन तीसरे प्रयास में उन्होंने 151 किग्रा भार उठाकर भारत के लिये दूसरा पदक पक्का किया।
मलेशिया के अज़निल बिन बिदिन मोहम्मद ने कुल 285 किग्रा वजऩ उठाकर स्वर्ण पदक हासिल किया। क्लीन एंड जर्क में 158 किलो की सर्वश्रेष्ठ लिफ्ट करने वाले अज़निल ने स्नैच राउंड में 127 किलो की लिफ्ट के साथ राष्ट्रमंडल खेलों का नया रिकॉर्ड बनाया। पापुआ न्यू गिनिया के मोरेया बारू ने 273 किलो के कुल स्कोर के साथ दूसरा स्थान हासिल किया।
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भारतीय महिला कुश्ती टीम ने रचा इतिहास, विश्व कैडेट चैंपियनशिप में जीते 5 स्वर्ण
रोम । भारतीय महिला कुश्ती टीम ने इतिहास रचते हुए विश्व कैडेट चैंपियनशिप में पांच स्वर्ण जीते। भारत ने यहां शुक्रवार को दो स्वर्ण पदक जीते थे, और शनिवार को अपनी पदक तालिका में इजाफा करते हुए तीन और स्वर्ण जीते।
मुस्कान ने 43 किग्रा भार वर्ग के फाइनल में जापानी प्रतिद्वंदी को 10-0 से मात दी। दूसरी ओर, सविता ने 61 किग्रा में अमेरिकी पहलवान को 12-0 से हराकर स्वर्ण जीता। हर्षिता ने 69 किग्रा के फाइनल में जापानी प्रतिद्वंद्वी को 3-1 से हराया। दो पहलवान चोट के कारण कांस्य पदक मुकाबलों में हिस्सा नहीं ले सकीं और भारत को चैंपियनशिप में दूसरे स्थान के साथ संतोष करना पड़ा। जापान ने 180 पॉइंट के साथ पहला स्थान हासिल किया जबकि भारत 149 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा। यूक्रेन 112 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा। इससे पहले ऋतिका (43 किग्रा) और प्रिया (73 किग्रा) ने शुक्रवार को भारत के लिये स्वर्ण जीते थे।
इस बीच, पांच भार वर्गों में फ्री स्टाइल बाउट भी आयोजित हुए जहां चार भारतीय पहलवानों ने सेमीफाइनल में जगह बनायी। इनमें से तीन सेमीफाइनल मुकाबले में हार गये और केवल सचिन मोर ने 80 किग्रा के फाइनल में जगह बनायी। सचिन स्वर्ण पदक के लिये रविवार को दावेदारी पेश करेंगे।
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)भारत को मिला पहला पदक, वेटलिफ्टिंग में संकेत सरगर ने जीता सिल्वर
बर्मिंघम , । भारत के युवा भारोत्तोलक संकेत सरगर ने राष्ट्रमंडल खेल 2022 में मलेशिया के अनिक मोहम्मद से सिर्फ एक किलोग्राम के अंतर से हारने के बाद रजत पदक प्राप्त किया। यह बर्मिंघम में भारत का पहला पदक है। 21 वर्षीय संकेत ने 55 किग्रा भार वर्ग के स्नैच राउंड में 113 किग्रा और क्लीन एंड जर्क राउंड में 135 किग्रा सहित कुल 248 किलोग्राम भार उठाया, जबकि अनिक ने स्नैच में 107 और क्लीन एंड जर्क में 142 किग्रा के साथ कुल 249 किग्रा भार उठाया।
संकेत ने क्लीन एंड जर्क राउंड में पहले प्रयास में सफलतापूर्वक 135 किग्रा वजन उठाने के बाद दूसरे और तीसरे प्रयास में 139 के आंकड़े को छूना चाहा, लेकिन वह असफल रहे और अंतत: रजत से संतोष किया। इस प्रयास में संकेत के दाएं हाथ में चोट भी आ गयी और वह पदक वितरण के दौरान पोडियम पर बैंडेज बांधे नजऱ आये। अपने दूसरे प्रयास में असफल होने के बाद अनिक ने अंतिम प्रयास में 142 किग्रा उठाकर स्वर्ण हासिल किया। श्रीलंका के दिलंका युडागे ने 225 किग्रा (105 स्नैच, 120 क्लीन एंड जर्क) के साथ कांस्य पदक प्राप्त किया। संकेत ने बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का पहला पदक जीतने के बाद कहा, मैं अपना पदक भारत के स्वतंत्रता सेनानियों को समर्पित करता हूं, जिन्होंने देश की आज़ादी के लिये अपने प्राण न्यौछावर कर दिये।
