July 2, 2026

मोरी कॉलेज के छात्र कड़ाके की सर्दी में बाहर बैठने को मजबूर


उत्तरकाशी ।  मोरी डिग्री कॉलेज का अपना भवन न होने के कारण छात्र-छात्राएं कड़ाके की सर्दी में खुले आसमान के नीचे इम्तिहान देने को मजबूर हैं। आलम ये है कि महाविद्यालय प्रशासन को बाहर बैठकर इम्तिहान देने वाले बच्चों को सर्दी से बचाने के लिए चाय की व्यवस्था करनी पड़ रही है। यहां डिग्री कॉलेज पिछले चार साल से ट्राइसेम सेंटर के दो कक्षों में संचालित हो रहा है। हालांकि, इसी साल सतलुज जल विद्युत परियोजना से बने एक टिन शेड में भी कॉलेज की शिक्षण व्यवस्थाएं सचांलित हो रही हैं। मोरी महाविद्यालय का अपना भवन न होने से गत वर्ष 18 नवम्बर 2021 से मोरी शिव मंदिर के निकट ट्राइसेम भवन के दो कक्ष एवं सतलुज जल विद्युत परियोजना से बने एक टिन शेड में शिफ्ट किया गया। जिसमें ट्राइसेम भवन के एक कक्ष में प्राचार्य कार्यालय संचालित हो रहा है, जबकि दूसरे कक्ष में पठन-पाठन होता है। वर्तमान में मोरी महाविद्यालय में छात्र संख्या 150 है, लेकिन बहुत कम कक्ष होने के कारण अंदर पढ़ाई संभव नहीं है।

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