March 8, 2026

समाज को दिशा देने में साहित्यकारों की भूमिका अहम: भट्ट


बागेश्वर गरुड । ।  उत्तराखंड पत्रकार एवं साहित्यकार समिति के तत्वावधान में ज्ञानार्जन प्रकाशन के तत्वावधान में कत्यूर क्षेत्र के साहित्यकारों की सात पुस्तकों का विमोचन किया गया। इनमें से चार पुस्तकें शेर सिंह बिष्ट पुरस्कार प्राप्त मोहन जोशी की हैं, जबकि तीन अन्य लोगों की। मुख्य अतिथि गुमानी पंत पुरस्कार प्राप्त साहित्यकार गोपाल दत्त भट्ट ने कहा कि समाज को दिशा देने में साहित्यकारों की भूमिका अहम होती है। कत्यूरघाटी साहित्यकारों की भूमि रही है। उन्होंने सरकार से भी नवोदित साहित्यकारों की रचनाओं को प्रकाशित करने में मदद की मांग की है। ज्ञानार्जन विद्यालय में रविवार को आयोजित कार्यक्रम में भट्ट ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन हो या उत्तराखंड राज्य आंदोलन इन आंदोलनों में सहित्यकारों की भूमिका अहम रही है। साहित्याकरों ने लोगों में जोश भरने काम किया। इसका नतीजा यह हुआ कि देश आजाद हुआ और उत्तराखंड राज्य भी मिला। उन्होंने कहा कि अच्छा साहित्य आज भी खूब पढ़ा जाता है। अध्यक्षता कर रहे रतत सिंह किरमोलिया ने कहा कि गरुड़ क्षेत्र के कई नवोदित साहित्यकार अच्छी कविता, लेख व गद्य लिख रहे हैं। उन्हें बेहतर मंच की जरूरत है। इस मौके पर डाइट बागेश्वर से डॉ. केएस रावत, डॉ. राजीव जोशी, डॉ. गोपाल कृष्ण जोशी, हरीश जोशी, नंदन सिंह अलमिया, चन्द्र शेखर, मनोज खोलिया , रमेश ब्रजवासी, जानकी भट्ट, केदार भट्ट आदि मौजूद रहे। इन पुस्तकों का हुआ विमोचन 1 – छटपटाहट (हिंदी काव्य संग्रह ) सुरेंद्र वर्मा 2 -भावों की उड़ान (हिंदी कविता संग्रह ) आशा जोशी 3 – घरौंदा – (हिंदी बाल काव्य संग्रह ) प्रेमा भट्ट 4 – ‘ऋग्वेद ‘ का कुमाउंनी भावानुवाद चौथा भाग – अनुवादक मोहन जोशी 5-मोहन बाल नाटिका – मोहन जोशी 6 ‘बाखइ ‘ – ‘मोहन कृति ‘ पटल का वार्षिक काव्य संकलन 2025 – संपादन मोहन जोशी। 7 – ‘बाखइ ‘ – मोहन कृति पटल का वार्षिक गद्य संकलन 2025 – संपादन मोहन जोशी।