1 लाख लोगों की सेहत राम भरोसे: प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र द्योनाई पर लटका ताला, अस्पताल हुआ पूरी तरह बंद
एकमात्र फार्मासिस्ट की चारधाम ड्यूटी, डॉक्टर पहले ही छोड़ चुके हैं अस्पताल; रोजाना 100 मरीजों की ओपीडी प्रभावित
गरुड़ (बागेश्वर) । बागेश्वर जिले की द्योनाई घाटी के करीब 1 लाख लोगों की स्वास्थ्य सेवाएं शनिवार को पूरी तरह ठप हो गईं, जब क्षेत्र के एकमात्र प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र द्योनाई पर ताला लटका मिला। अस्पताल में तैनात एकमात्र फार्मासिस्ट की भी सरकार ने केदारनाथ में चारधाम यात्रा की इमरजेंसी ड्यूटी में तैनाती कर दी, जिसके बाद अस्पताल में कोई भी सरकारी कर्मचारी मौजूद नहीं रहा।
बताया जा रहा है कि करीब एक माह पहले अस्पताल के एकमात्र डॉक्टर भी स्थानांतरण/त्यागपत्र के बाद चले गए थे। अस्पताल में न वार्ड बॉय है, न सफाई कर्मचारी और न ही अन्य स्वास्थ्य कर्मी। अब तक एकमात्र फार्मासिस्ट के भरोसे स्वास्थ्य केंद्र संचालित हो रहा था, लेकिन उनकी ड्यूटी भी बाहर लगाए जाने से अस्पताल पूरी तरह बंद हो गया।
इस स्वास्थ्य केंद्र में रोजाना लगभग 100 मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। अस्पताल बंद होने से दूर-दराज के ग्रामीणों, बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जिला पंचायत सदस्य भास्कर बोरा ने स्वास्थ्य विभाग और सरकार पर क्षेत्र की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि जल्द अस्पताल में डॉक्टर सहित सभी आवश्यक कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं की गई तो क्षेत्रीय जनता के साथ मिलकर अस्पताल पर सांकेतिक ताला लगाकर बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि “1 लाख लोगों की स्वास्थ्य सेवाओं के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से स्टाफ की कमी के कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रही हैं, लेकिन अब अस्पताल पर ताला लग जाना पूरे क्षेत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है। लोगों ने सरकार से तत्काल डॉक्टर, फार्मासिस्ट, वार्ड बॉय और सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति कर स्वास्थ्य सेवाएं बहाल करने की मांग की है।
चौंकाने वाले तथ्य
द्योनाई घाटी की आबादी: करीब 1 लाख
रोजाना ओपीडी: लगभग 100 मरीज
डॉक्टर: 0
फार्मासिस्ट: चारधाम ड्यूटी पर
वार्ड बॉय: नहीं
सफाई कर्मचारी: नहीं
नतीजा: अस्पताल पर ताला, स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह ठप
