कॉचवे व कलमठों की खराब स्थिति पर डीएम नाराज
बागेश्वर । जिलाधिकारी अपूर्वा पांडे ने गुरुवार को पिंडर घाटी के दुर्गम क्षेत्रों और विभिन्न गांवों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने सड़क, यातायात, आपदा प्रभावित क्षेत्रों और ग्रामीणों की मूलभूत समस्याओं की जानकारी ली। कॉजवे, सड़क और कलमठों की खराब स्थिति पर नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल मरम्मत और रखरखाव के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क और पुलिया निर्माण में गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। जिलाधिकारी ने कपकोट-कर्मी मोटर मार्ग के किमी सात स्थित भूस्खलन क्षेत्र और खाती के समीप बाछम में क्षतिग्रस्त सड़क का निरीक्षण किया। उन्होंने पीएमजीएसवाई और लोनिवि के अधिशासी अभियंताओं से सुझाव लेते हुए सड़क को सुरक्षित और सुचारू बनाने के लिए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।इसके बाद खरकिया गांव पहुंचकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने धकौरी पैदल ट्रेक रूट की मरम्मत की मांग की, जिस पर उन्होंने अधिकारियों को ट्रेक रूट सुचारू कराने के निर्देश दिए।डीएम ने सोराग पुल और उससे आगे आपदा से क्षतिग्रस्त सड़क का भी निरीक्षण किया। उन्होंने क्षेत्र की भौगोलिक और आपदा संवेदनशील परिस्थितियों को देखते हुए ठोस एवं दीर्घकालिक रणनीति तैयार कर सड़क का स्थायी समाधान करने को कहा। उन्होंने ग्रामीणों से विद्युत, पेयजल समेत अन्य मूलभूत सुविधाओं की जानकारी ली। साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ाने और पर्यटन की संभावनाओं के विस्तार पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि पिंडर घाटी जैसे दुर्गम क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के साथ स्थानीय संसाधनों और पर्यटन क्षमता का बेहतर उपयोग कर रोजगार के नए अवसर विकसित किए जा सकते हैं। निरीक्षण के दौरान एसडीएम अनिल चन्याल, पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता अंबरीश रावत, लोनिवि के अधिशासी अभियंता अमित पटेल समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
