March 4, 2026

शांतिकुंज में पर्यावरण पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ 

हरिद्वार, ( आखरीआंख )  गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में पर्यावरण संरक्षण पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आज शुभारंभ हुआ। इस संगोष्ठी में देश के जाने माने पर्यावरणविदों के अलावा भारत के विभिन्न राज्यों से पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण अभियान में जुटे स्वयंसेवी भागीदारी कर रहे हैं।
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए शांतिकुंज के वरिष्ठ कार्यकर्त्ता श्री वीरेश्वर उपाध्याय ने कहा कि पर्यावरण मानव जीवन में सहयोगी की भूमिका निभाते हैं। परन्तु पिछले कई वर्षों से लोग इस मित्र को अपने सुख के लिए नुकसान पहुँचाने में संकोच नहीं कर रहे हैं। फलतः पर्यावरण भी अपनी भूमिका में बदलाव कर लिया है। प्रज्ञा अभियान पत्रिका के संपादक श्री उपाध्याय ने कहा कि वर्तमान परिदृश्य में पर्यावरण संरक्षण की दिशा कार्य करना नितांत आवश्यक है और अभी नहीं चेते, तो वह दिन दूर नहीं जब मनुष्य सहित अनेक जीव-जन्तुओं पर संकट के बादल घिरने लगेंगे। श्री उपाध्याय ने पर्यावरण संरक्षण के लिए सभी को एक जूट होकर प्रत्यक्ष व परोक्ष रूप से कार्य करने की वकालत की। उन्होंने कहा कि आज सम्पूर्ण विश्व में उपलब्ध पानी में केवल एक प्रतिशत पानी ही पीने योग्य है। यदि इस दिशा में अब कदम नहीं उठाये गये, तो भविष्य में मनुष्य सहित समस्त जीवों के लिए जीवन बचा पाना मुश्किल है।  श्री मनोज तिवारी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधारोपण व जल वर्षा का संचय करना आवश्यक है।
संगोष्ठी के समन्वयक के अनुसार तीन दिन चलने वाले इस सत्र में वृक्षगंगा अभियान, युगधर्म पर्यावरण संरक्षण, हमारे अनुभूत प्रयोग, श्रीराम सरोवर-सूखे का संकटमोचन व वर्षा जल सरंक्षण, निर्मल गंगा जन अभियान, स्वच्छ पर्यावरण-सुरक्षित जीवन, ऋषि-कृषि एवं गौ आधारित अर्थव्यवस्था, मानव प्रगति व पर्यावरण सहित 18 अलग-अलग विषयों पर विषय विशेषज्ञ संबोधित करेंगे। जिनमें गायत्री परिवार प्रमुख डॉ. प्रणव पण्ड्या, व्यवस्थापक शिवप्रसाद मिश्र, केपी दूबे, प्रो. प्रमोद भटनागर, संदीप कुमार, एस.एस. पटेल, डॉ. एस. पुनेकर, डीपी सिंह, सुधीर भारद्वाज आदि प्रमुख हैं। उद्घाटन सत्र का संचालन केदार प्रसाद दुबे ने किया।