Advertisement
Advertisement
Advertisement
October 12, 2026

सिद्धू और चन्‍नी के बीच बातचीत के बाद सुलझा विवाद

चंडीगढ़ (आरएनएस)। पंजाब कांग्रेस के अध्‍यक्ष नवजाेत सिं‍ह सिद्धू ने मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्‍नी की बातचीत खत्‍म हो गई है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सारे मामले सुलझ गए हैं। सिद्धू  और चन्‍नी ने पंजाब भवन में वार्ता की और अब वे मीडिय से रूबरू हो सकते हैं। बैठक में नवजोत सिंह सिद्धू के पंजाब कांग्रेस अध्‍यक्ष पद से इस्‍तीफा देने के बारे में बातचीत हुई। बताया जाता है कि सिद्धू पंजाब के कार्यवाहक डीजीपी इकबाल प्रीत सिंह सहोता और एजी अमरप्रीत सिंह देयाेल को हटाने पर अड़े हुए थे। दूसरी ओर, कांग्रेस सूत्रों ने संकेत दिया है कि दोनो की बैठक में मामला सुलझ सकता है। दूसरी ओर, मुख्‍यमंत्री चरणजीत सिंह चन्‍नी ने राज्‍य कैबिनेट की 4 अक्‍टूबर को बैठक बुलाई है।
सिद्धू को दो अफसरों कार्यवाहक डीजीपी इकबाल प्रीत सिंह सहोता और एडवोकेट जनरल (एजी) अमरप्रीत सिं‍ह देयोल की नियुक्ति पर आपत्ति है। इनकी जगह वह अपने चहेते अधिकारियों की नियुक्ति करवाना चाहते हैं। मुख्‍यमंत्री चन्‍नी ने कल संकेत दिया था कि वह कुछ फैसले वापस ले सकते हैं। दूसरी ओर दबाव बढ़ाने के लिए सिद्धू ने वार्ता से ठीक पहले अपने तीखे तेवर दिखाए। उन्‍होंने दिनकर गुप्‍ता के छुट्टी पर जाने के बाद कार्यवाहक डीजीपी बनाए गए इकबाल प्रीत सिंह सहाेता पर निशाना साधा।  माना जा रहा है कि इस बैठक में यह तय हो जाएगा कि सिद्धू पार्टी अध्‍यक्ष पद से अपना इस्‍तीफा वापस लेते हैं या न‍हीं। पार्टी हाईकमान ने सिद्धू के इस्‍तीफे के मामले को सुलझाने की जिम्‍मेदारी मुख्‍यमंत्री चन्‍नी को सौंपी है।
नवजाेत सिंह सिद्धू ने चन्‍नी के साथ बैठक से पहले डीजीपी बनाए गए इकबाल प्रीत सहोता पर ट्वीट कर हमला बोल दिया। उन्‍होंने कहा कि डीजीपी आइपीएस सहोता बादल सरकार के समय हुई बेअदबी की घटना की जांच के लिए गठित एसआइटी के प्रमुख थे। उन्‍होंने दो सिख युवकों को गलत ढ़ंग से फंसाया था और बादलों को क्‍लीनचिट दे दी थी। उस समय मैं कांग्रेस के कई मंत्रियों और आज के गृहमंत्री के साथ वहां गए थे और उन लाेगों (फंसाए गए युवकों)  के समर्थन में लड़ाई का भरोसा दिलाया था। इसके साथ ही उन्‍होंने अपने कई पुराने वीडियो ट्वीट काे भी रि-ट्वीट भी किए हैं।

Advertisement